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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में 215 विद्यालयों में से 207 मुखिया विहीन

Sun, 02 Mar 2025 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में सरकारी विद्यालयों के संचालन के लिए मुखिया नहीं हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों के लगभग शत प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है।
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सीमांत जिले के 128 इंटर कॉलेज में से 122 विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त पड़े हैं। केवल छह विद्यालयों में पूर्णकालीन प्रधानाचार्य कार्य कर रहे हैं। इससे भी बदहाल स्थिति जिले के हाईस्कूलों की है। जिले में 87 हाईस्कूलों में से 85 हाईस्कूल प्रधानाचार्य विहीन हैं।
इस मार्च में कुछ प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक सेवानिवृत होने हैं ऐसे में स्थिति और भी खराब हो जाएगी। जिन विद्यालयों में स्थायी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक नहीं हैं वहां व्यवस्थाओं का संचालन करने के लिए कार्यवाहक प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों की तैनाती की गई है। उन्हें अपने विषयों को पढ़ाने के साथ-साथ विद्यालय का प्रबंधन भी देखना पड़ रहा है। ऐसे में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
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जिले में एक भी नहीं है उप जिला शिक्षाधिकारी
जिले में बिण, मूनाकोट, कनालीछीना, डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, गंगोलीहाट और बेड़ीनाग विकासखंडों में उप जिला शिक्षाधिकारी के आठ पद स्वीकृत हैं। बावजूद इसके इनकी स्थिति शून्य है। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों के आठ में से दो पद रिक्त हैं। प्रवक्ताओं के भी 60 फीसदी पद खाली पड़े हैं। जिले में प्रवक्ताओं के 1169 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 734 पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसके अलावा सहायक अध्यापकों के 1632 के सापेक्ष 1141 पद पर शिक्षक तैनात हैं, लेकिन 491 पद रिक्त चल रहे हैं।

- जिले में प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों की सूचना कई बार निदेशालय को भेजी गई है। अधिकतर विद्यालयों में कार्यवाहक के तहत व्यवस्था की गई है। तैनाती को लेकर निर्णय उच्च स्तर पर होता है। - एचआर कोहली, मुख्य शिक्षाधिकारी, पिथौरागढ़।
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