थल (पिथौरागढ़)। थल-सातशिलिंग राजमार्ग पर छह माह पहले नागीमल मंदिर की पहाड़ी दरकने से सड़क का डेढ़ सौ मीटर हिस्सा रामगंगा में समा गया था। यहां यातायात के लिए नई सड़क काटी गई लेकिन ऊपर पहाड़ी पर हवा में लटके बड़े-बड़े बोल्डर और कीचड़ युक्त सड़क पर आवागमन काफी जोखिम भरा हो गया है। हल्की बारिश में पहाड़ी से बड़े बड़े बोल्डर गिरने लगते हैं। कीचड़ में वाहन भी रपट रहे हैं।
रविवार को विधायक बिशन सिंह चुफाल ने लोनिवि अधिकारियों को मौके पर बुलाया। सहायक अभियंता गोपाल गोस्वामी ने बताया कि सड़क के नव निर्माण के लिए टीएचडीसी के भू वैज्ञानिकों ने सर्वे पूरी कर ली है। अब सड़क की डीपीआर बननी है।
विधायक ने विभागीय लेट लतीफी पर नाराजगी जताते हुए लोनिवि और टीएचडीसी के अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर सड़क की डीपीआर बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए। कहा कि मानसून काल से पहले सड़क का नवनिर्माण और ऊपर दरकी पहाड़ी का ट्रीटमेंट कार्य पूरा किया जाना चाहिए।
विधायक ने मौके से ही सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को भी रामगंगा से हो रहे कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण की डीपीआर बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। इस मौके पर कुंदन बोरा, दीपक कार्की, नीरज भट्ट आदि मौजूद रहे।