अपर मुख्य सचिव एस राजू और आपदा प्रबंधन सचिव अमित सिंह नेगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मानसून काल की तैयारियों की जानकारी ली। सड़क मार्गों को दुरुस्त रखने के साथ ही भूस्खलन और आपदा की दृष्टि से संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने के आदेश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने वर्षाकाल से पहले तैयारियों को यथासमय पूरा करने, आपदा से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार करने, भूस्खलन संभावित सड़कों पर डोजर, जेसीबी और अन्य उपकरणों के साथ ही कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। कहा कि सड़क बंद होने पर उसे तत्काल खोला जाए। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लोगों को अन्यत्र बसाने के लिए पहले से ही स्थान चिन्हित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में पुलिस, एसडीआरएफ, फायर टीम की उपकरणों के साथ तैनाती कर ली जाए। राशन, चिकित्सा सुविधाएं दुरुस्त रखने के आदेश दिए। आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी ने आपदा खोज, बचाव के लिए उपकरणों की खरीद करने और पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, एटीएफ का पर्याप्त कोटा रखने के आदेश दिए। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने बताया कि 20 लाख रुपये की लागत के उपकरण खरीद लिए गए हैं, जिन्हें तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को आवंटित किया जा रहा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर सचिव आपदा प्रबंधन रविशंकर समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे।
प्रमुख सचिव खाद्य ने की समीक्षा
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों से मुखातिब प्रमुख सचिव खाद्य एवं आपूर्ति राधा रतूड़ी ने राशन कार्डों के डिजिटलाइजेशन, आधार लिंक, जनधन योजना, कृषि बीमा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, डेबिट कार्ड आदि की समीक्षा करते हुए योजनाओं के संचालन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राशनकार्डों को आधार कार्ड से लिंक करने के आदेश दिए। मानसून काल को देखते हुए गोदामों में राशन का भंडारण करने के भी आदेश प्रमुख सचिव ने दिए। डीएम ने बताया कि धारचूला, मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र के लोगों के लिए सितंबर तक का राशन भेजा जा रहा है। 15 मई तक राशन गांवों में पहुंच जाएगा।