एनएच में गुड़ौली में आए मलबे को हटाती जेसीबी।
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गुड़ौली के पास बंद टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर आठवें दिन यातायात शुरू हो गया है। सड़क पर बड़े वाहनों के आवागमन के लिए अभी खतरा बना हुआ है। ऊपरी पहाड़ी से रुक-रुक कर भूस्खलन हो रहा है।
19 मार्च की शाम को सड़क चौड़ीकरण के लिए पहाड़ी कटिंग के दौरान गुड़ौली के पास चट्टान दरक गई थी। पहाड़ी से बोल्डर और भारी संख्या में मलबा गिरने से सीमांत क्षेत्र धारचूला को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बंद हो गया। इससे धारचूला के साथ ही जौलजीबी, अस्कोट, डीडीहाट, भागीचौरा, सिंगाली, गर्खा आदि जगहों को आने-जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़क खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन (ग्रिफ) की ओर से 30 मजदूर और चार जेसीबी लगाई गई। ग्रिफ की ओर से सोमवार को सड़क पर यातायात सुचारु करने का दावा किया गया था, लेकिन बारिश होने के चलते पहाड़ी से फिर से भूस्खलन हो गया। ग्रिफ के ओसी प्रदीप कुमार ने बताया कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है। सड़क संकरी होने के चलते अभी बड़े वाहनों के लिए खतरा बना हुआ है।
सुरक्षा के लिए तैनात की पुलिस
गुड़ौली के पास पहाड़ी से लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी में करीब 40 मीटर के हिस्से में दरारें आई हैं। इससे चट्टान दरकने की संभावना है। ग्रिफ के ओसी प्रदीप कुमार ने बताया कि दरकी चट्टान को अगले दो-तीन दिन के अंदर पूरी तरह हटा लिया जाएगा। सड़क पर सुरक्षित यातायात के लिए दोनों और दो-दो पुलिस के जवान तैनात कराए गए हैं। साथ ही चार जेसीबी के जरिए संकरी सड़क को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।