काशीपुर के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. बीसी जोशी के खिलाफ विजिलेंस टीम की कार्रवाई से नाराज डाक्टरों ने पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में भी ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया। पिथौरागढ़ में डाक्टरों ने जिला अस्पताल के सामने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और चिकित्सा विभाग की छवि धूमिल करने वाले इस षडयंत्र की जांच की मांग की।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के शाखा सचिव डा. केसी भट्ट के नेतृत्व में एकत्रित डाक्टरों ने कहा कि विजिलेंस टीम से रंजिश और साजिश के तहत ही डा. जोशी के खिलाफ कार्रवाई की थी। कहा कि इस कार्रवाई के विरोध में आज पूरे प्रदेश में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया है। इस दौरान सिर्फ आपात सेवाएं और पोस्टमार्टम के काम चलते रहे। ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शाखा सचिव डा. भट्ट ने बताया कि आंदोलन का अगला चरण प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर शुरू किया जाएगा। इससे पहले डाक्टरों ने इस घटना के विरोध में शनिवार को भी ओपीडी का बहिष्कार किया था।
चंपावत प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा (पीएमएचएस) के आह्वान पर हुई हड़ताल के चलते सरकारी अस्पतालों में कोई काम नहीं हो सका। अलबत्ता लोहाघाट के पीपीपी मोड में संचालित अस्पताल में हड़ताल नहीं थी।
पीएमएचएस के मंत्री डा.हिमांशु पांडेय ने कहा कि साजिशन सीएमएस को गिरफ्तार करवा कर चिकित्सा पेशे की अवमानना की गई है। संघ ने ओपीडी (वाह्य मरीज) बंद रख ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। प्रदर्शन में डा. इंद्रजीत पांडेय, डा.श्वेता खर्कवाल, डा. बबीता चौहान, डा.आरके जोशी सहित तमाम डाक्टर शामिल थे। तय किया गया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आगे का कदम उठाया जाएगा। पाटी में डा.मंजीत सिंह और देवीधुरा में डा. दीप्ति जोशी के हड़ताल में होने से मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ी।