पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज के संचालन और छात्रों के प्रवेश से भले ही क्षेत्र में कुशल डॉक्टर तैयार होने की राह आसान हुई हो लेकिन इसके अधीन संचालित बेस अस्पताल के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से अनुमति के लिए कागजों में वार्ड, ओटी और लैब जैसी सुविधाएं पूरी होने के दावे किए गए थे लेकिन जमीनी हकीकत इनसे बिल्कुल उलट है।
वर्तमान स्थिति यह है कि बेस अस्पताल में फिलहाल केवल ऑर्थोपैडिक और डेंटल सर्जरी की ही सुविधा मिल पाएगी जबकि आम जनता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी जनरल सर्जरी और सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो सकेंगे। इसका मुख्य कारण सर्जरी और महिला रोग विभाग में किसी भी फैकल्टी या विशेषज्ञ की तैनाती न होना है। अस्पताल में आधुनिक ओटी तो स्थापित कर दी गई है लेकिन विशेषज्ञों के अभाव में मरीजों को इलाज के लिए अभी और इंतजार करना मजबूरी बना हुआ है।
सिर्फ ऑर्थोपैडिक और डेंटल सर्जरी होंगी बेस में
मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के लिहाज से अब तक ऑर्थोपैडिक और डेंटल विभाग में ही फैकल्टी की तैनाती हुई है। ऐसे में बेस अस्पताल में हड्डी और दांत संबंधी ऑपरेशन की ही सुविधा मिलेगी हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि सभी तरह की सर्जरी के लिए जल्द फैकल्टी की तैनाती होगी। यह दावे कब तक धरातल पर उतरेंगे यह समय बताएगा।
महिला रोग विभाग की प्रोफेसर गई मेडिकल लीव पर
शासन स्तर पर पूर्व में मेडिकल कॉलेज में महिला रोग विभाग के लिए एक प्रोफेसर की तैनाती के आदेश जारी हुए। आदेश जारी होने के कुछ समय बाद भी संबंधित प्रोफेसर लंबी मेडिकल लीव पर चले गईं। ऐसे में खुद मेडिकल कॉलेज को उनके वापस लौटने पर संशय है।
-
मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने के साथ ही बेस अस्पताल में ओपीडी के साथ आईपीडी भी संचालित की जाएगी। रिक्त फैकल्टी को भरने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है जल्द जनरल सर्जरी और महिला रोग विभाग में भी फैकल्टी मिलेगी और सभी तरह के ऑपरेशन शुरू होंगे।
-डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़