धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल के सभी यात्रियों का गुंजी में आईटीबीपी के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में एक यात्री अनफिट पाया गया। बुधवार सुबह उनका दोबारा मेडिकल परीक्षण किया जाएगा जिसके बाद दल नाभीढांग के लिए रवाना होगा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल में 15 महिला और 34 पुरुष श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें उत्तराखंड के दो यात्री भी शामिल हैं। मंगलवार को गुंजी में आईटीबीपी के चिकित्सक डॉ. अमित भार्गव ने सभी यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
उप जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि स्वास्थ्य जांच में 48 यात्री फिट जबकि एक यात्री गोविंद केला अनफिट पाए गए। बुधवार को दल नाभीढांग पहुंचकर ओम पर्वत के दर्शन करेगा। इसके बाद बृहस्पतिवार को नाभीढांग में विश्राम किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 जुलाई को यात्री लिपुलेख दर्रे के रास्ते चीन सीमा स्थित तकलाकोट में प्रवेश करेंगे जहां आईटीबीपी के जवान उन्हें चीन प्रशासन के सुपुर्द करेंगे। वहीं अनफिट यात्री को निराश होकर वापस लौटना होगा।
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बीआरओ ने गुंजी में यात्रियों से किया संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की हीरक परियोजना के मुख्य अभियंता आर.एस. राव (वीएसएम) ने अधिकारियों के साथ वाइब्रेंट विलेज गुंजी में कैलाश मानसरोवर यात्रियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों का स्वागत करते हुए उनकी सुरक्षित, सफल और आध्यात्मिक रूप से मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अभियंता ने दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में सामरिक सड़क अवसंरचना के विकास और रखरखाव के लिए बीआरओ द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने मानसरोवर यात्रा के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और हर मौसम में निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के प्रति बीआरओ की प्रतिबद्धता दोहराई। यात्रियों ने भी बेहतर सड़क संपर्क और बीआरओ कर्मियों के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन प्रयासों से यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम हुई है जिससे उनकी तीर्थयात्रा का अनुभव और अधिक सुखद बना है।