पिथौरागढ़। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। नवरात्र और दिवाली में मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों की बाजार में बड़ी मांग रहती है। ऐसे में मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोकने के लिए बनाए गए खाद्य सुरक्षा विभाग में लंबे समय से खाद्य सुरक्षा अधिकारी के दो पद रिक्त चल रहे हैं। यहां तैनात एक मात्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी के जिम्मे पिथौरागढ़ और चंपावत जिले की जिम्मेदारी है। ऐसे में कैसे मिलावटखोरी रुक पाएगी यह गंभीर सवाल है।
पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के तीन पद स्वीकृत हैं। जिसमें दो खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पद रिक्त चल रहे हैं। यहां तैनात एकमात्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पास पिथौरागढ़ के अलावा चंपावत जिले की भी जिम्मेदारी है। पिथौरागढ़ के धारचूला, डीडीहाट, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट नगर क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की जांच करने के लिए अधिकारी नहीं हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को लोगों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। उन्होंने शीघ्र खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति करने की मांग की है।
14 दिन में आनी चाहिए रिपोर्ट महिनों तक नहीं आती रिपोर्ट
पिथौरागढ़। स्टाफ की कमी से जूझ रहा है पिथौरागढ़ का खाद्य सुरक्षा विभाग अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच को भेजता है, लेकिन उन खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट आने में कई माह लग जाते हैं। इस कारण विभाग को मिलावटी सामन बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में दिक्कत होती है। नियमानुसार खाद्य पदार्थों के सैंपल को लैब में पहुंचने के बाद 14 दिन के भीतर रिपोर्ट आनी चाहिए, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की उत्तराखंड की एकमात्र रुद्रपुर लैब भी कर्मियों की कमी से जूझ रही है। इस कारण रिपोर्ट आने में देरी हो जाती है। संवाद
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इनसेट कोट-
पिथौरागढ़ खाद्य सुरक्षा विभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के दो पद रिक्त चल रहे हैं। जिस कारण त्योहारी सीजन और अन्य सीजन में अभियान चलाने में दिक्कत होती है। रिक्त पदों की सूचना लगातार उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।
आरके शर्मा, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिथौरागढ़।