गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। सीएचसी गणाई गंगोली के उच्चीकरण को 10 वर्ष बाद भी भवन नहीं बन पाया है। आज भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी के भवन में संचालित हो रहा है। एक दशक में अब तक केवल भूमि तलाशी जा सकी है।
पीएचसी गणाई गंगोली का वर्ष 2013 में उच्चीकरण किया गया। सुविधाओं के नाम पर केवल भवन के बाहर पीएचसी के स्थान पर सीएचसी का बोर्ड लगा दिया गया। भवन में कमरे कम होने के कारण मरीजों के साथ ही स्टाफ को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। 40 हजार आबादी वाले गणाई तहसील का यह एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र है। भवन नहीं होने से एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है।
सीएचसी में चिकित्सकों समेत छह स्टाफ स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र दो चिकित्सक तैनात हैं। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए 90 किमी अल्मोड़ा या फिर 120 किमी दूर पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। उपचार के लिए ज्यादातर लोग अल्मोड़ा जाना पसंद करते हैं। अस्पताल में मात्र खून जांच होती है। बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ भी नहीं है।
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फार्मासिस्ट का पद चार माह से रिक्त
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। सीएचसी में फार्मासिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। चार माह पूर्व तैनात फार्मासिस्ट का निधन होने के बाद पद रिक्त चल रहा है। सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के कारण मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी बने 10 साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन आज तक सीएचसी का संचालन पीएचसी के भवन में हो रहा है।
देवेंद्र मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता, नायल गणाई गंगोली।
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तहसील गणाई गंगोली की 40 हजार की आबादी का एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र है। अस्पताल में व्यवस्थाएं बदहाल होने के कारण मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
राजेश बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता, चौकी, गणाई गंगोली
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सीएचसी को जाने वाली सड़क भी बदहाल है। जहां पर मरीजों के लिए पहुंचना आसान नहीं होता है। सीएचसी के लिए भवन का निर्माण जल्द से जल्द करना चाहिए।
गोविंद पंत, गणाई गंगोली।
सीएचसी के भवन निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। भूमि का बयनामा भी हो चुका है। जल्द ही धनराशि स्वीकृत कराकर भवन निर्माण की कार्यवाही की जाएगी।
जितेंद्र प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि, गणाई गंगोली।