रामगंगा में बने अस्थायी पुल को पारकर वोट डालने जाती नारायणी देवी
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कपकोट विधानसभा क्षेत्र के भकोना के लोगों को मतदान के दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मतदान केंद्र सात किलोमीटर दूर कालापैर काभड़ी में बनाया गया था। वहां तक पहुंचने के लिए इनको पहले पिथौरागढ़ जिले के नाचनी कस्बे में आना पड़ता है। भकोना गांव की 75 वर्षीय नारायणी देवी पत्नी रतन सिंह ने मतदान के लिए जाने की जिद कर दी। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता जगत सिंह कार्की पहले नारायणी देवी को हाथ पकड़कर दो किलोमीटर दूर नाचनी लाए, वहां से उनको रामगंगा में लोदियाबगड़ के पास बने अस्थायी पुल तक ले जाया गया। पुल पार करने के बाद फिर एक किलोमीटर दूर चलने पर मतदान केंद्र आया।
अस्थायी पुल पर नारायणी देवी के हाथ-पांव थर्राने लगे। जगत सिंह ने उनको सहारा देकर और हौसला बढ़ाकर पुल पार कराया। नारायणी देवी को मतदान के लिए जाने में पूरा दिन लग गया। गांव के अन्य मतदाताओं को भी इसी तरह की मुसीबत को पार कर मतदान केंद्र तक जाना पड़ा। भकोना के लोगों ने कई बार झूलापुल की मांग उठाई। अब जाकर शासन ने रामगंगा में झूलापुल मंजूर किया है। अगले साल तक झूलापुल बनने की उम्मीद है।