चंपावत। मानसून काल में सभी अधिकारी अलर्ट रहें। किसी सी भी प्रकार की प्राकृतिक घटना पर रिस्पॉन्स समय कम से कम हो के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मानसून काल को देखते हुए मुख्यालय के साथ ही सभी तहसील मुख्यालयों में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित कर लिए हैं। जो 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे।
डीएम ने बताया कि मानसून काल में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विभिन्न सड़क मार्गों में 43 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों में 48 जेसीबी लोडर आदि मशीनों को रखने के साथ ही ऑपरेटर और कार्मिक तैनात किए गए हैं। तहसील पूर्णागिरी, टनकपुर क्षेत्र के अंतर्गत संभावित अतिवृष्टि, बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर नियंत्रण एवं राहत कार्य को संपन्न कराए जाने के लिए संवेदनशील सेक्टरों का चिह्नीकरण कर बूम, बनबसा, शारदा घाट 3 बाड़ चौकियां बनाई गई हैं। किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी पर एयर एंबुलेंस की सुविधा तत्काल प्रदान की जाएगी। डीएम ने बताया कि एहतियातन मानसून काल को देखते हुए खनन चुगान पर रोक लगाई गई है। सड़क निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को किसी भी स्थिति में आवागमन को सुरक्षित और सुचारु रखने के साथ ही अधिक समय तक मार्ग बंद होने पर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के कार्यों की स्वीकृति मिली
चंपावत। जिले में शासन से क्षतिग्रस्त परिसंपत्ति के कार्यों के लिए स्वीकृति मिल गई है। डीएम ने बताया कि पिथौरागढ़- टनकपुर एनएच स्थित किरोड़ा पुल के अपस्ट्रीम, डाउनस्ट्रीम में किरोड़ा नाला प्रथम, द्वितीय डायवर्सन कार्य के लिए 12.50 लाख, चंपावत की तहसील पूर्णागिरी, टनकपुर के ग्राम मनिहारगोठ में पंचायत घर कब्रिस्तान मार्ग के किनारे पैरापिट और रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य के लिए 4.87 लाख समेत अन्य कार्यों के लिए लाखों की स्वीकृति मिल चुकी है। इनका कार्य गतिमान है। संवाद