फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: नियति की बैसाखी पर अफसरों ने दो मौतों की जिम्मेदारी टाली

Thu, 17 Jul 2025 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। मुनस्यारी में लोकगायक गणेश मर्तोलिया की बहन और नानी की जंगली मशरूम खाने से मौत के मामले में इलाज में लापरवाही और देरी पर सवाल उठ रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इस पर साफ तौर से इनकार कर दिया है। सीएमओ का दावा है कि दोनों का हरसंभव इलाज किया गया। हायर सेंटर में भी दोनों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उनकी मौत हो गई। नियति और विधाता के लेख के आगे उनको बचाया नहीं जा सका।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों का बचाव किया है। लोकगायक गणेश मर्तोलिया की बहन और नानी की बीते दिनों हल्द्वानी एसटीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को दोनों की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। आरोप है कि मुनस्यारी सीएचसी में स्वास्थ्य कर्मियों ने जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ने की जानकारी होने के बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
सामान्य इलाज कर उन्हें घर भेज दिया और तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर दोबारा अस्पताल पहुंची तो दो दिन भर्ती करने के बाद हायर सेंटर रेफर कर खानापूर्ति कर दी गई। समय रहते स्वास्थ्यकर्मियों के सही फैसला न लेने और समय पर रेफर न करने से उनकी मौत हो गई। अब इस मामले में सीएमओ डॉ. एसएस नबियाल ने विभाग का पक्ष रखा है। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है।
विज्ञापन


सीएमओ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि जंगली मशरूम खाने से अस्पताल पहुंची नानी और पोती का बेहतर इलाज किया गया। लगातार जांच में दोनों का बीपी और पल्स रेट सही था। पहले दिन इलाज के बाद जरूरी दवाएं और सलाह देकर दोनों को घर भेजा गया। पेट दर्द की शिकायत पर दूसरे दिन अस्पताल पहुंची तो इन्हें भर्ती किया गया।
स्वास्थ्य में सुधार न होने पर दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया। जिला अस्पताल में भी चिकित्सकों ने जांच और इलाज कर दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। हायर सेंटर में भी दोनों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि दोनों का सभी अस्पतालों में बेहतर इलाज किया गया लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका।


मौसम में खराबी से नहीं मिला हेलिकॉप्टर
सीएमओ डॉ. एसएस नबियाल ने कहा कि दोनों सीएचसी मुनस्यारी से रेफर करते समय दोनों की जांच की गई। दोनों का बीपी और पल्स रेट सही था। जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बीपी और पल्स रेट गिर गया तो यहां भी गंभीर हालत को देखते हुए दोनों को तुरंत हायर सेंटर भेजने का निर्णय लिया गया। इसके लिए हेलिकॉप्टर की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया। मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका।
विज्ञापन


डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें