डीडीहाट में नंदा महोत्सव में झोड़ा लगाते लोग
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नंदा मूर्ति के विसर्जन के साथ नंदा महोत्सव का समापन हो गया। इससे पहले मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद झोड़ा-चांचरी का आयोजन किया।
महोत्सव में जन जागृति सांस्कृतिक कला मंच बिंदुखत्ता के प्रह्लाद मेहरा ने-ओ हिमा कां छ तेरो जलेबी को डाबा, शेरू मर्तोली, घाम छाया ले गीतों से समा बांध दिया। गोविंद दिगारी ने-डीडीहाट की छमिया छोरी, गीत से दर्शकों को झूमने पर विवश किया। इस दौरान आयोजित मटका फोड़ प्रतियोगिता में युवा शक्ति की टीम विजेता और हिमालयन ताइक्वांडो एसोसिएशन उपविजेता रही। झोड़ा-चांचरी प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में भनड़ा और ढुंगेती की टीम संयुक्त रूप से विजेता रही, जबकि महिला जौहार जन जागृति संगठन दूसरे और राबाइंका की टीम तीसरे स्थान पर रही।
छलिया में खेतार कन्याल के छोल्यारों ने बाजी मारी। कत्थक सम्राट बिरजू महाराज के शिष्य रानीखेत के हेमंत गुरु ने कत्थक के जरिये रामलीला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। लिटिल चैंप जूनियर के विजेता आयुष कोटवाल ने पहाड़ी और हिंदी गीतों की प्रस्तुति दी। नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नंदा की मूर्ति को नदी में विसर्जित कर दिया गया। मेला कमेटी के अध्यक्ष डीएस पांगती ने महोत्सव की सफलता पर सभी का आभार जताया।
उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसआई एमएस बोहरा और एनसीसी कैडेटों को पुरस्कृत किया। इस मौके पर प्रकाश बोरा, ललित भंडारी, प्रभात जोशी, पवन टोलिया, धर्मेंद्र टोलिया, सत्यम जोशी अंजन भड़, किशोर जंगपांगी, योगेश बृजवाल, सत्यम जोशी आदि थे।