मल्लिकार्जुन महोत्सव के अंतिम दिन लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी। दर्शक रात ढाई बजे तक रंगारंग कार्यक्रमों का आनंद उठाते रहे।
पांच दिनी महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को विहान सांस्कृतिक दल अल्मोड़ी, सुरेश प्रसाद सुरीला, अमित गोस्वामी और सुरेश कुमार ने लोकगीतों के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। उन्होंने डीडीहाट की कमला छोरी, दिल लिगे चोरी-चोरी, यो डाणा को पार, देखिछ न्यार-न्यार, कैले बजा मुरूली, हाय काकड़ी झिले मां, नून पिसो सिले मा, हफ्ता में इतवार का दिन टेलीफोन करे सुवा, ओ भिना कसिके जानू द्वाराहाट, हिट साली कौतिक जानू गीतों की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेश पाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर क्षेत्र के लोगों, सांस्कृतिक दलों, जन प्रतिनिधियों का आभार जताया। संचालन गोविंद भंडारी ने किया। इस मौके पर तनुज पाल, गोविंद पाल, विक्रम पाल, खड़क सिंह भंडारी, उमेश पुजारी, राजनारायण धामी, विनोद पंत आदि थे।
सामान्य ज्ञान में भूमिका, सुमित, वर्षा प्रथम
अस्कोट। मल्लिकार्जुन महोत्सव में रविवार को हुई सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के प्राथमिक वर्ग में केवीएस पाल मेमोरियल स्कूल की भूमिका खोलिया, जूनियर में सुमित खोलिया और सीनियर वर्ग में वर्षा पंत प्रथम स्थान पर रही। तात्कालिक भाषण में गजेंद्र खोलिया, अभिषेक पाल और पूर्णिमा पंत ने बाजी मारी। चित्रकला में नितेश प्रथम रहे। हिंदी सुलेख में चिल्ड्रंस पब्लिक स्कूल की करिश्मा, अंग्रेजी में पूजा पाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्र-छात्राओं को बेक्रिंग आर्ट एकेडमी की ओर से आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।