चंपावत। उत्तराखंड में बीएससी नर्सिंग छात्रों की इंटर्नशिप स्टाइपेंड की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। रुपये 13,150 प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग के लिए राजकीय नर्सिंग कॉलेजों के छात्र काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध जता रहे हैं। चंपावत में भी नर्सिंग छात्रों ने आवाज उठाई।
उनका कहना है कि स्टाइपेंड की मांग वर्ष 2023 से उठाई जा रही है। फरवरी 2024 में शासन स्तर से प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अब तक इसका अंतिम समाधान नहीं हो पाया। छात्रों ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के छह जुलाई 2022 के आदेश के आधार पर केंद्रीय संस्थानों में बीएससी नर्सिंग इंटर्नशिप के लिए रुपये 13,150 प्रतिमाह स्टाइपेंड का प्रावधान किया गया था। छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में मरीजों की देखभाल समेत विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हैं। उनके लिए स्टाइपेंड केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और सेवा के सम्मान की पहचान है। कहा समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।