मुवानी अस्पताल में निरीक्षण करते कनालीछीना पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ध
मुवानी (पिथौरागढ़)। जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के गायब रहने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसकी मार मरीज पर पड़ रही है। तेजम के बाद अब मुवानी अस्पताल में फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स सहित तीन स्वास्थ्य कर्मी गायब मिले। कनालीछीना पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने जब मुवानी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो इन स्वास्थ्य कर्मियों के लंबे समय से गायब रहने का मामला पकड़ में आया।
बृहस्पतिवार को कनालीछीना पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह धानिक ने पीएचसी मुवानी का औचक निरीक्षण किया। जब उन्होंने उपस्थिति पंजिका जांची तो यहां तैनात स्टाफ नर्स एक सप्ताह से बगैर अवकाश के ड्यूटी से गायब मिली। यहां तैनात चिकित्सक ने बताया कि स्टाफ नर्स ने अवकाश के लिए कोई आवेदन नहीं किया है। वहीं आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट और स्वच्छक भी बगैर अवकाश के गायब मिले। ऐसे में यहां आयुर्वेदिक दवा बांटने वाला भी कोई नहीं है।
स्वच्छक न होने से अस्पताल गंदगी से पटा मिला। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। सरकारी अस्पतालों से स्वास्थ्य कर्मियों का गायब रहना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। संवाद
तेजम अस्पताल में भी गायब मिले थे पांच स्वास्थ्य कर्मी
बीते दिनों तेजम अस्पताल में से पांच स्वास्थ्य कर्मी (दो स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट, एक डॉक्टर और एक स्वच्छक) गायब मिले थे। स्टाफ नर्स के गायब रहने से एक गर्भवती का एंबुलेंस सेवा 108 में प्रसव कराना पड़ा, जिसके बाद यह मामला सामने आया था। मामले में डीएम के साथ ही सीएमओ ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही नहीं थम रही है जो चिंता का विषय है।
कोट
बृहस्पतिवार को मुवानी पीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया था। यहां स्टाफ नर्स, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट सहित तीन स्वास्थ्य कर्मी बगैर अवकाश के गायब मिले। संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोककर इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट सीएमओ को भी भेजी जाएगी। - डॉ. प्रशांत सिंह धानिक, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी, कनालीछीना