फल-सब्जी बेचने वालों को हटाने के बाद से गांधीचौक पर अब बाइकों का कब्जा हो गया है। पहले फल-सब्जी बेचने वालों की दुकानें सजीं होने से यहां बाइकें नहीं आ पाती थी, लेकिन अब यहां जगह-जगह बाइकें पार्क की जा रही हैं, जिससे गांधीचौक पर बनीं गांधीजी की मूर्ति पूरी तरह इन बाइकों से घिर चुकी है। 15 अगस्त को साइकिल रैली में एसडीएम अनुराग आर्य के घायल होने के बाद से अभियान भी ठप पड़ा है।
संकरी होती शहर की सड़कें, यातायात संचालन में दिक्कत को फोकस करते हुए अमर उजाला ने जून से एनएच समेत पिथौरागढ़ शहर की तमाम सड़कों में किए गए अतिक्रमण पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने 4 अगस्त से शहर के सिल्थाम से अतिक्रमण हटाने की शुरुआत की। सिल्थाम में कुछ भवनों को आंशिक रूप से तोड़ा गया। पोस्टआफिस से पालिका तिराहे से भी अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण हटाने के लिए सिमलगैर में भी स्थान चिन्हित किए गए। एनएच पर लगाए गए टिनशेड हटाए गए, लेकिन एनएच पर इस स्थान में आजकल 50 ट्रक से अधिक रेत जमा है। यह अतिक्रमण था तो इस स्थान पर खनन सामग्री के ढेर कैसे लगे हैं, यह प्रशासन के अभियान पर सवाल खड़े कर रहा है।
गांधीचौक में सब्जी-फल बेचकर परिवार पालने वाले लोगों को हटा दिया गया, उनको कहीं पर स्थान उपलब्ध कराने की प्रशासनिक कोशिश भी दिखनी चाहिए थी। ऐसी कोशिश तो नहीं हुई, लेकिन जिस उद्देश्य से गरीबों को गांधीचौक से हटाया गया, वह उद्देश्य भी पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान महात्मा गांधी मार्ग पर लगे अवरोध हटाए गए। उन्होंने दोबारा इस जगह पर अपनी दुकानें लगाने की जहमत नहीं उठाई, लेकिन यहां गांधी जी मूर्ति के पास अब बाइकें खड़ी की जा रही है। महात्मा गांधी मार्ग, गांधीचौक में दोपहिया वाहन घुसने से राहगीर परेशानी में हैं।
अतिक्रमण अभियान की अगुवाई कर रहे एसडीएम सदर अनुराग आर्य हल्द्वानी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। उनके स्थान पर केके मिश्रा को एसडीएम सदर का प्रभार सौंपा गया है लेकिन लगता है कि अतिक्रमण अभियान के लिए अनुराग आर्य के स्वस्थ होने का इंतजार जिला प्रशासन कर रहा है। यातायात निरीक्षक प्रकाश माहरा का कहना है कि गांधीचौक में प्रवेश करने वाली बाइकों का चालान किया जाएगा।