अस्कोट (पिथौरागढ़)। वन्य जीवों का शिकार करने के लिए जंगलों में आग लगाने का सिलसिला नहीं थम रहा है। अब शिकारियों ने वन्य जीवों को मारने के लिए कूटा के जंगल को आग के हवाले कर दिया है। यहां लगी आग से वन संपदा को नुकसान पहुंचने के साथ वन्य जीवों के जीवन पर भी संकट गहरा गया है।
जाड़ों में वन्यजीव ठंड की वजह से ऊंचाई वाले इलाकों से निचले इलाकों में पहुंचते हैं। ऐसे में शिकारियों की नजर वन्यजीवों पर होती है। शिकारी वन्यजीवों को मारकर इनके अंगों की तस्करी कर कमाई करते हैं। ऐसा ही हुआ है कूटा के जंगल में। शिकारियों ने यहां वन्य जीवों के शिकार के लिए आग लगा दी।
पूरे दिन जंगल सुलगता रहा लेकिन इस पर किसी की नजर नहीं पड़ी। जंगल में आग लगने से वन संपदा को भी खासा नुकसान पहुंचा है। देर शाम तक जंगल जलता रहा मगर जिम्मेदार घटना से अंजान रहे। ऐसे में जंगलों और वन्य जीवों की सुरक्षा के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। सिस्टम की अनदेखी के चलते शिकारियों के हौसले भी बुलंद हैं।