सातशिलिंग-थल मोटर मार्ग में इस तरह उखड़ रहा हाटमिक्स
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सातशिलिंग से थल तक करीब 45 किलोमीटर लंबी सड़क के सुधारीकरण और चौड़ीकरण के काम में बरती गई लापरवाही की जांच के लिए जिला पंचायत ने जांच कमेटी गठित कर दी है। जिपं ने जनप्रतिनिधियों को यह यकीन दिलाने का प्रयास किया है कि सड़क निर्माण में यदि कहीं पर लापरवाही सामने आएगी तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोगों की नजर भी अब जांच कमेटी पर लगी है।
इस सड़क पर काम शुरू होते ही विवाद पैदा होने लगा था। एडीबी कंस्ट्रक्शन डिवीजन ने सड़क का काम किया। सड़क निर्माण के टेंडर जारी करते समय ही यह तय कर दिया गया था कि संकरे स्थानों पर सड़क चौड़ी की जाएगी। मोड़ों पर कटिंग होगी। पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण होगा और पूरी सड़क पर हॉटमिक्स किया जाएगा। यह सारे काम कंस्ट्रक्शन डिवीजन ने पूरे तो कर दिए, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि इससे खुश नहीं है। क्योंकि हॉटमिक्स एक माह बाद ही उखड़ने लगा है। पानी निकासी के लिए बनाए गए कॉजवे टूटने लगे हैं। मानक के हिसाब से सड़क चौड़ी नहीं बनाई गई है।
सुधारीकरण एवं चौड़ीकरण के बाद सड़क की हालत और ज्यादा बिगड़ी है। इस बार बारिश के मौसम में यह सड़क लगभग रोज ही बंद रही, जबकि पिछले वर्षों तक यदि जिले की अन्य सड़कें बंद भी हो जाएं तो सातशिलिंग-थल रोड पर यातायात जारी रहता था। जिला पंचायत की बैठक में अध्यक्ष प्रकाश जोशी के निर्देश पर इस सड़क की जांच के लिए सीडीओ आशीष चौहान की अध्यक्षता में जांच कमेटी बना दी गई है। अभी हालांकि जांच कमेटी ने काम शुरू नहीं किया है, लेकिन लोगों को यकीन है कि जांच के बाद जरूर कुछ लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण में बरती गई धांधली की जांच के लिए प्रशासन तैयार ही नहीं था। यदि यह मामला जिला पंचायत की बैठक में नहीं उठता तो शायद जांच कमेटी भी गठित नहीं होती।