भारत-नेपाल की विभाजक महाकाली नदी में अब केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के बिना राफ्टिंग नहीं की जा सकती। अब तक राज्य सरकार की अनुमति से राफ्टिंग हो रही थी। माना जा रहा है कि ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। ताजा फैसले से पिथौरागढ़ से लेकर चंपावत के बूम तक साहसिक पर्यटन गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। राफ्टिंग के लिए नदी तट पर आए देशी-विदेशी राफ्टर मायूस हैं।
महाकाली साहसिक पर्यटन की गतिविधियों का केंद्र है। नदी में पिथौरागढ़ से लेकर चंपावत के बूम तक कुमाऊं मंडल विकास निगम के साथ ही कई निजी संस्थाएं भी राफ्टिंग कराती हैं। हर साल सैकड़ों देशी-विदेशी राफ्टर इसमें भाग लेते हैं। इससे सरकार को आय होती है, साथ ही साहसिक पर्यटन से जुड़े सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलता है। इन दिनों रिवर राफ्टिंग का सीजन है। केएमवीएन के साथ ही साहसिक पर्यटन से जुड़ी संस्थाएं देशी-विदेशी पर्यटकों को राफ्टिंग करा रही हैं।
इस बीच केंद्र के फरमान का हवाला देकर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) संस्थाओें को राफ्टिंग से रोक रही है। एसएसबी के अनुसार केंद्र ने बिना अनुमति नदी में राफ्टिंग पर रोक लगा दी है। इसी के साथ राज्य की अनुमति अमान्य हो गई है। अब नदी में राफ्टिंग के लिए गृह या फिर विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। पिछले दिनों एसएसबी ने केएमवीएन के राफ्टिंग दल को भी लौटा दिया था।
अब तक राज्य सरकार से ली जाती रही अनुमति
नदी में राफ्टिंग के लिए उत्तराखंड सरकार का पर्यटन विभाग लाइसेंस जारी करता रहा है। विभाग केएमवीएन के साथ ही पर्यटन व्यवसाय से जुड़ी कंपनियों और एनजीओ को भी लाइसेंस देता है। वन विभाग से भी एनओसी ली जाती है।
झूलाघाट में ठिठके अमेरिका और इंग्लैंड के पर्यटक
राफ्टिंग पर प्रतिबंध के बाद अमेरिका और इंग्लैंड के 14 पर्यटकों के कदम झूलाघाट में ठिठक गए हैं। इनमें सात महिला पर्यटक शामिल हैं। इनके साथ चार गाइड और प्रशिक्षकों की टीम भी है। पर्यटकों का यह दल रानीखेत से यहां राफ्टिंग के लिए आया था। एसएसबी ने इनको राफ्टिंग करने से रोक दिया। दल के मुख्य प्रशिक्षक काठमांडू निवासी चूड़ा मणिक ने बताया कि उनके पास वन विभाग का अनुमति पत्र है, लेकिन एसएसबी ने इसे अमान्य करार दिया है। राफ्टिंग के इंतजार में यह दल झूलाघाट में ही फंसा है।
एसएसबी केंद्र के फरमान का हवाला देकर राफ्टिंग से रोक रही है। इससे महाकाली पर आधारित पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। शासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए पत्र लिखा है।
-त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, जीएम, केएमवीएन
हेडक्वाटर से महाकाली में राफ्टिंग पर रोक लगाने के आदेश हैं। आदेश के अनुसार गृह या फिर विदेश मंत्रालय से अनुमति पर ही राफ्टिंग की जा सकती है। वाहिनी बिना अनुमति राफ्टिंग की गतिविधियों को रोक रही है।
-एसके सासनी, कमांडेंट, 55वीं वाहिनी, एसएसबी
अभी उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। एसएसबी से इस संबंध में जानकारी तलब की जा रही है। अगर केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगाई है तो राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को पुनर्विचार का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
-सी रविशंकर, डीएम