अस्कोट में रोडवेज की बस न रुकने के मामले में जायजा लेने पहुंचे रोडवेज कर्मी
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अस्कोट बाजार में रोडवेज बसें नहीं आने के विरोध में लामबंद स्थानीय लोगों का संघर्ष रंग लाया है। सोमवार को उत्तराखंड परिवहन निगम के समय संचालक और रोडवेज कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने अस्कोट पहुंचकर स्टेशन का जायजा लिया। कहा कि चालक-परिचालक द्वारा गुमराह किया जा रहा था। अब बसें अस्कोट बाजार में आएंगी।
19 अप्रैल को स्थानीय लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता तनुज पाल के नेतृत्व में रोडवेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इनका आरोप था कि बस के चालक-परिचालक यात्रियों को अस्कोट स्टेशन के बजाय अस्कोट से एक किमी दूर तिराहे पर उतार देते हैं। इस कारण लोगों को तड़के और रात में अस्कोट तिराहे से सामान ढोकर लाना पड़ रहा है। रात के अंधेरे में ही बस पकड़ने के लिए तिराहे पर जाना पड़ता है। लोगों के विरोध के बाद सोमवार को पिथौरागढ़ डिपो के समय संचालक नवीन कोठारी और कर्मचारी संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहन भंडारी ने अस्कोट पहुंचे।
उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। बताया कि चालक-परिचालक अस्कोट में बसों के खड़े होने की समस्या बताकर प्रबंधन को गुमराह करते रहे हैं। अस्कोट स्टेशन में बसों के रुकने के लिए पर्याप्त स्थान है। बसों को अस्कोट बाजार होते हुए भेजा जाएगा। यदि बस अस्कोट नहीं आई तो चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष टिकेंद्र पाल, ललित पाल, महेंद्र जेठी, मनोहर बिष्ट, तनुज पाल आदि मौजूद थे।