पिथौरागढ़। खेलों के आयोजन के लिए देवसिंह मैदान का सुधारकीरण किया गया। इसमें लाखों रुपये खर्च हुए। बमुश्किल समतल हुए मैदान में फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन खटाई में पड़ गया तो सहकारिता मेला लगाकर इसे बदहाल कर दिया गया। हैरानी है कि 32 लाख रुपये खर्च कर बमुश्किल सुधरा मैदान सहकारिता मेले से फिर से बदहाल हुआ तो नगर निगम ने सिर्फ 1.32 लाख रुपये जुर्माना लगाकर जिम्मेदारी निभा दी।
दरअसल तीन महीने पूर्व देवसिंह मैदान में राज्य स्तरीय फुटबाल टूर्नामेंट कराने की योजना तैयार की गई। इसके लिए मैदान के समतलीकरण के लिए 32 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। आपदा काल में फुटबाल टूर्नामेंट की तय तिथि को मौसम में खराबी होने का हवाला देकर इस आयोजन को निरस्त कर दिया गया। कुछ समय बाद ही जिस मैदान का लाखों रुपये खर्च कर खेलों के आयोजन के लिए सुधारीकरण हुआ इसमें सहकारिता मेले का आयोजन किया गया। मेले में दुकानें, झूले, स्टॉल लगाने के साथ ही भीड़ अधिक होने से कुछ दिन पूर्व बिछाई और लोलर से दबाई गई मिट्टी उखड़ गई और सरकारी धन बर्बाद हो गया।
मेले के बाद सहकारिता विभाग को मैदान का समतलीकरण कर इसमें सफाई करनी थी। विभाग ने ऐसा न कर मैदान को बदहाल हालत में छोड़ दिया। हैरानी है कि जिस मैदान के सुधारीकरण के लिए नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च किए, इसके बदहाल होने पर सहकारिता विभाग पर सिर्फ 1.32 लाख का जुर्माना लगाकर जिम्मेदारी निभा दी। नगर निगम ने मैदान को खराब करने के एवज में सहकारिता विभाग को जुर्माना अदा करने का नोटिस जारी किया है। यह मामला चर्चाओं में है और इस पर सवाल उठ रहे हैं।
हर बार अन्य आयोजनों से मैदान हो रहा है बदहाल, खिलाड़ी हो रहे हैं मायूस
देवसिंह मैदान का निर्माण सिर्फ खेलों के आयोजन के लिए किया गया था। दशकों पूर्व बना यह मैदान ही फुटबाल टूर्नामेंट के लिए उपयुक्त है। इस मैदान पर क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं नियमित अभ्यास कर अपनी प्रतिभा को निखारती हैं। खिलाड़ियों के हितों को दरकिनार कर हर बार अन्य आयोजन कर मैदान को खराब कर दिया जाता है। आयोजनों के बाद इसके सुधारीकरण के नाम पर सरकारी धन का भी उपयोग हो रहा है। ऐसे में आम जन के साथ ही खेल प्रतिभाएं निराश और मायूस हैं।
कोट
सहकारिता मेले के बाद मैदान की सफाई नहीं की गई। कूड़े को भी मैदान में जलाया गया। ऐसे में सहकारिता विभाग पर जुर्माना लगाया गया है। इसका नोटिस विभाग को जारी कर दिया है। नगर निगम मैदान का सुधारीकरण करेगा। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़