प्रचलन से बाहर हो चुके 500 और 1000 के नोट अब सहकारी बैंक की शाखाओं में जमा नहीं हो पा रहे हैं। सहकारी बैंक के शाखाओं में नोट जमा करने पहुंचे लोगों को लौटा दिया गया। ग्रामीण अंचलों में ज्यादातर लोगों के सहकारी बैंक में ही खाते हैं। इस कारण उनकी समस्या बढ़ गई है। सहकारी बैंकों में शिक्षकों के वेतन खाते भी हैं।
मुनस्यारी में सहकारी बैंक ने मंगलवार से अप्रचलित नोट लेना बंद कर दिया। बैंक पहुंचे लोगों की कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। कर्मचारियों ने कहा कि उच्चाधिकारियों के मौखिक आदेश पर यह कदम उठाया गया है, लेकिन खातेदारों को कोई नया विकल्प नहीं सुझाया।
अस्कोट में सहकारी बैंक के प्रबंधक ईश्वरी प्रसाद पंत ने कहा कि उच्च अधिकारियों ने अप्रचलित नोट जमा करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि अब बैंक में 500 और 1000 के नोट जमा नहीं होंगे। व्यापार संघ अध्यक्ष टिकेंद्र पाल ने इसे मनमानी करार देते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री और रिजर्व बैंक के आदेशों का खुला उल्लंघन है, जबकि 30 दिसंबर तक पुराने नोट जमा करने की तिथि तय की गई है। अब सहकारी बैंक के खातेदार कहां जाएं, इसे लेकर वह परेशान हैं।