पिथौरागढ़। जिले के छह महाविद्यालय में प्राचार्य समेत 211 पदों के सापेक्ष 201 प्राध्यापक तैनात हैं, जबकि मुनस्यारी महाविद्यालय में प्राचार्य, पिथौरागढ़, बलुवाकोट, मुनस्यारी, डीडीहाट और बेड़ीनाग महाविद्यालय में नौ प्राध्यापकों के पद खाली हैं।
बलुवाकोट महाविद्यालय में जंतुविज्ञान की प्राध्यापक को रानीखेत महाविद्यालय संबद्ध कर भेज दिया गया। नारायणनगर महाविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक को हल्द्वानी संबद्ध किया गया। ऐसे में सीमांत के छात्रों को उच्च शिक्षा पाने में परेशानी हो रही है।
पिथौरागढ़ महाविद्यालय में प्राध्यापकों के कुल 121 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 117 कार्यरत हैं, जबकि गृहविज्ञान एक प्राध्यापक के भरोसे है। गृहविज्ञान में तीन पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। अर्थशास्त्र विभाग में एक पद खाली है। बलुवाकोट महाविद्यालय में 13 स्वीकृत पदों में से अंग्रेजी, अर्थशास्त्र पद खाली हैं। जंतुविज्ञान की प्राध्यापक को रानीखेत महाविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इन्हें दिवाली से पहले रानीखेत अटैच कर दिया गया था। नारायणनगर महाविद्यालय में कुल 16 पद हैं। इनमें एकमात्र अर्थशास्त्र के प्राध्यापक को हल्द्वानी महाविद्यालय में संबद्ध किया गया है। बेड़ीनाग महाविद्यालय में जीवविज्ञान का पद खाली है। महाविद्यालय में 30 पद स्वीकृत हैं।