बस्तड़ी हादसे में गंभीर रूप से घायल नीलम भट्ट के पिता को सरकारी आदेशों के चलते छुट्टी नहीं मिल पा रही है। नीलम का कुछ दिनों तक हल्द्वानी में इलाज चला। बाद में उनको एम्स दिल्ली भेज दिया गया। नीलम के पिता नरेत निवासी रामदत्त अवस्थी यहां लोनिवि में वर्क एजेंट के पद पर कार्यरत हैं। विभाग के उच्चाधिकारी आपदाकाल में कर्मचारियों के अवकाश में रोक का हवाला देते हुए उनको छुट्टी नहीं दे रहे हैं।
रामदत्त ने अपनी बेटी का विवाह 17 वर्ष पहले बस्तड़ी निवासी कृष्णानंद से कराया था। 30 जून की रात के हादसे में कृष्णानंद, उनकी बेटी खुशी और बेटा आर्यन की मलबे में दबकर मौत हो गई और एकमात्र नीलम ही इस हादसे में बची हैं, लेकिन उनकी हालत भी बेहद गंभीर है। रामदत्त ने विभागीय अधिकारियों के सामने कई बार अपनी समस्या रखी। राम दत्त की इच्छा एक बार दिल्ली जाकर बेटी का हालचाल जानने की है, लेकिन सरकारी अधिकारी उनकी व्यथा पर गौर नहीं कर रहे हैं।
रामदत्त ने अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता तक को अपनी पीड़ा बता दी है, लेकिन किसी का भी दिल नहीं पसीजा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता एबी कांडपाल का कहना है कि सरकार ने सितंबर तक कर्मचारियों और अधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा रखी है। वह इस नियम के खिलाफ काम कर पाने की स्थिति में नहीं हैं।