स्वास्थ्य महकमे की अनदेखी से गंगोलीहाट का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर विहीन हो गया है। अस्पताल में नौ में से मात्र तीन डॉक्टर तैनात थे। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण दो डॉक्टरों को अन्य अस्पतालों में संबद्ध कर दिया है, जबकि अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। अस्पताल में एक भी डॉक्टर न होने से लोगों में सरकार और स्वास्थ्य महकमे के खिलाफ जबरदस्त रोष है।
एक लाख आबादी की स्वास्थ्य देखभाल के लिए खोले गए गंगोलीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हाल तक तीन डॉक्टर तैनात थे। इनमें से एक डॉक्टर का बेड़ीनाग और एक को गणाईगंगोली अस्पताल में संबद्ध कर दिया गया। 4 फरवरी से अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. कुंदन कुमार मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। ऐसे में अस्पताल डॉक्टर विहीन हो गया है। अस्पताल में एक भी डॉक्टर न होने से लोग परेशान हैं। उन्हें नीम, हकीमों और झोलाछाप की शरण में जाना पड़ रहा है।
गंगावली विकास मंच के अध्यक्ष श्यामाचरण उप्रेती ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों को अन्य अस्पतालों में संबद्ध करना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। तीन दिन के भीतर अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई तो जनता को साथ लेकर सरकार और विभाग के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।