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मकान खतरे में, पीने को पानी भी नहीं

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मुनस्यारी के आलम में पेयजल किल्लत को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। अमर उजाला - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। आलम गांव की पेयजल व्यवस्था 12 दिन बाद भी बहाल न होने के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया है। ग्रामीणों ने आपदा से हुई क्षति की भरपाई न होन पर भी रोष जताया है।
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सात जुलाई को अतिवृष्टि के दौरान मुनस्यारी विकासखंड के आलम गांव में जबरदस्त तबाही मची थी। भूस्खलन से खेत, खलिहान बह गए। पेयजल योजना ध्वस्त हो गई। कई मकान खतरे की जद में आ गए। तब से गांव की पेयजल योजना की मरम्मत नहीं हुई है। बृहस्पतिवार को सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम दानू के नेतृत्व में गांव के लोगों ने आंगनबाड़ी केंद्र आलम के प्रांगण में प्रदर्शन किया।
लोगों का कहना है कि गांव में पीने के लिए पानी नहीं है। गांव के लोग पांच किमी दूर गधेरे से पानी ला रहे हैं। पेयजल योजना ध्वस्त होने की सूचना देने पर भी सरकारी अमला कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। गांव के 45 परिवार परेशान हैं। गांव के नैन सिंह, दीवान सिंह, केशरी देवी, पार्वती देवी, द्रौपदी देवी, गंगा सिंह, नंदी देवी ने कहा कि तमाम मकान भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गए हैं। कृषि योग्य भूमि और रास्ते बह गए हैं। उन लोगों को उचित मुआवजा देने के साथ ही पेयजल योजना की मरम्मत की जाए। विक्रम दानू ने कहा है कि मदद न मिलने पर आंदोलन किया जाएगा।
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