डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट में करोड़ों की लागत से पेयजल योजना बनने के बाद भी छनपट्टा तोक के 20 से अधिक परिवार प्यासे रहेंगे। इन परिवारों को प्यास बुझाने के लिए नौले, धारों का ही सहारा लेना पड़ेगा। डीडीहाट के वैकुंठधाम को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
डीडीहाट के लिए थल स्थित रामगंगा नदी से 23 करोड़ की लागत से नई पेयजल योजना बन रही है। यह योजना वर्ष 2011 में तत्कालीन पेयजल मंत्री स्व. प्रकाश पंत के कार्यकाल में स्वीकृत हुई थी। डीडीहाट नगर सहित आसपास के गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए डीडीहाट-सिराकोट मोटर मार्ग में पानी का मुख्य टैंक कांडे गांव के छनपट्टा तोक से नीचे बनाया गया है। यह तोक मुख्य टैंक से नीचे है। इस कारण निर्माणदायी संस्था ने योजना के निर्माण से पहले इस तोक के परिवारों को पानी की आपूर्ति का कोई ध्यान नहीं रखा। यह परिवार आज भी परंपरागत जलस्रोत पर ही निर्भर हैं। ऐसे में करोड़ों की पानी की योजना बनने के बाद भी इस तोक में रहने वाले परिवारों को प्यासा ही रहना पड़ेगा। बैकुंठधाम भी मुख्य टैंक से ऊपर स्थित होने से इस योजना के पानी से लाभान्वित नहीं हो पाएगा। हालांकि विभाग के अधिकारी छनपट्टा तोक में रहने वाले परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कह रहे हैं।
इस पेयजल योजना के लिए वर्ष 2011 में ही डीपीआर तैयार हो गई थी। उसी के आधार पर योजना बनाई गई है। इन परिवारों के लिए वैकल्पिक योजना बनाने के लिए उच्चाधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है।
- बीके पाल, ईई जल निगम डीडीहाट।
छनपट्टा तोक के परिवारों के साथ ही बैकुंठधाम और सिराकोट तक पानी की योजना बनाने के लिए विभाग को निर्देशित किया जाएगा। इसके लिए मुख्य टैंक से पानी लिफ्ट करने के लिए विभाग से वार्ता की जाएगी। सभी ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा मिलेगी।
- विशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट।