डीडीहाट (पिथौरागढ़)। विकासखंड की पचास हजार की आबादी का जिम्मा संभाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्वास्थ्य उपकरणों में काफी पिछड़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2003 में सीएचसी को पहली रेफरल इकाई (एफआरयू) बनाया लेकिन वह भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।
डीडीहाट का सीएचसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तक नहीं है। दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के बीपीएल कार्डधारक मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए 50 किमी दूर पिथौरागढ़ जाना होता है जिसमें एक हजार से अधिक रुपये खर्च हो जाते हैं। तीन साल पूर्व सरकार ने मोबाइल अस्पताल के माध्यम से अल्ट्रासाउंड सुविधा देने का प्रयास किया लेकिन वह व्यवस्था विफल रही।
क्षेत्रीय जनता वहां अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की मांग कर रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग उनकी मांग पूरी नहीं करवा सका है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. फुरकान मिकरानी ने बताया कि गर्भवतियों की सुविधा के लिए अल्ट्रासाउंड और एक रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का आग्रह उच्चाधिकारियों से किया गया है।