पिथौरागढ़। रोडवेज डिपो के 338 कर्मियों को छह माह से वेतन नहीं मिल सका है। इसके लिए वह तरस गए हैं। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को घोर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय रोडवेज डिपो में स्थायी और संविदा वाले 338 कर्मचारी हैं। निगम ने एआरएम समेत किसी भी अधिकारी, कर्मचारी को छह माह से वेतन का भुगतान नहीं किया है।
ऐसे में सभी अधिकारी और कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जनवरी से वेतन न मिलने से उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए भी पैसे नहीं हैं।
चालक-परिचालक समेत अधिकतर कर्मचारी किराए के भवनों में रहते हैं। उनके पास किराया देने के लिए भी रुपये नहीं हैं। राशन से लेकर दवाएं तक उधार खरीदनी पड़ रहीं हैं।
सात सूत्री मांगों के लिए रोडवेज कर्मियों ने दिया धरना
पिथौरागढ़। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले परिवहन कर्मियों ने सात सूत्री मांगों के लिए बृहस्पतिवार को धरना दिया। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष संजय महर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन निगम और शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
बाद में सात सूत्री मांग पत्र सहायक महाप्रबंधक को सौंपा। ज्ञापन में परिषद ने शासन स्तर से एक सौ करोड़ रुपये अनुदान, छह माह से रुका वेतन, मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा, पिछले वर्ष की तरह इस साल भी टैक्स संबंधी छूट, जनवरी के वेतन में वेतन वृद्धि जोड़कर भुगतान, सेवानिवृत्त और मृतक कार्मिकों के परिजनों को देयकों का भुगतान, संविदा, एजेंसी और विभिन्न श्रेणी कार्मिकों को कोरोना काल में ड्यूटी का अतिरिक्त लाभ देने, लंबित ईपीएफ राशि अतिशीघ्र जमा करने की मांग की है।
कर्मचारी नेता मोहन भंडारी का कहना है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 19 से 21 जून तक बेमियादी कार्यबहिष्कार किया जाएगा।