मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मल्ला जोहार के 13 गांवों में अभी सरकारी सस्ते गल्ले का राशन नहीं पहुंच पाया है। माइग्रेशन जाते समय ग्रामीण केवल पैदल रास्ते भर का राशन ले जाते हैं। बीआरओ और लोनिवि की आपसी खींचतान के कारण मापांग में पैदल रास्ता चलने लायक नहीं है। लोग मिलम के निकट क्षतिग्रस्त पुल पर जान हथेली में रखकर आवाजाही कर रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने एसडीएम और डीएम को पत्र भेजकर समस्या सुलझाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र का अंतिम गांव तहसील मुख्यालय से 68 किमी दूर पर है। इस क्षेत्र के लास्पा, रिलकोट, मर्तोली, मापा, ल्वां, पांछू, गनघर, मिलम, बुर्फू, बिलजू, टोला, खिलांच, रालम में सरकारी राशन नहीं पहुंचा है।
डीएम ने एक माह पहले बैठक कर राशन भेजने के आदेश जारी कर दिए थे। उसके बाद भी राशन इन गांवों तक नहीं पहुंचा है। बीआरओ मापांग में सड़क कटिंग का कार्य कर रहा है। इससे पैदल यात्रा मार्ग ध्वस्त हो गया है। इसी स्थान पर आवाजाही बंद है। उनका कहना है कि लोनिवि और बीआरओ एक दूसरे पर जिम्मेदारी का पल्ला झाड़ कर जनता को परेशान कर रहे हैं।
मिलम के पास के गधेरे में हिमपात से क्षतिग्रस्त पुल की मरमत नहीं की गई है। पुल पर लोग जान हथेली पर रखकर जा रहे हैं। जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया ने लोनिवि, बीआरओ और खाद्य आपूर्ति विभाग की संयुक्त बैठक बुलाकर समस्या को सुलझाने की अपील की है।
लुम्ती-घरुड़ी का पैदल पुल बहने से लोगों का संपर्क कटा
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। गोरी नदी पर घरुड़ी को जोड़ने के लिए बना अस्थायी पैदल पुल तेज नदी के बहाव में बह गया है। इस लकड़ी का पुल बहने से घरुड़ी, मनकोट, भ्यूंला, घांघली, लुम्ती, मोरी, बगीचाबगड़ का घरुड़ी से संपर्क टूट गया है।
जून 2020 में इस जगह पर स्थित 130 मीटर स्पान की ट्रॉली बह गई थी। लोनिवि ने आठ माह पूर्व ट्रॉली टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली थी लेकिन अभी एक साइड के अबटमेंट की खोदाई हो रही है। ग्राम प्रधान मुन्नी देवी ने कहा लोनिवि की अनदेखी के कारण यहां पर ट्रॉली नहीं लग पाई है और अब यह लकड़ी की पुलिया भी बह गई है।
उन्होंने लोनिवि से शीघ्र पुलिया या ट्राली लगाने की अपील की है। ट्रॉली टेंडर होने के आठ माह बाद भी कार्य सुस्त गति संबंधी अमर उजाला ने 13 जून के अंक में खबर प्रकाशित की थी।