पिथौरागढ़। जिले की जीवन रेखा कहलाने वाला पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग जबरदस्त भूस्खलन से तीन स्थानों पर बंद हो गया। चुपकोट बैंड, मीना बाजार और दिल्ली बैंड के पास मलबा आने से कुछ वाहन मंगलवार रात से ही मार्ग पर वाहन फंसे रहे।
सड़क खुलने के इंतजार में यात्री भूखे प्यासे वाहनों या सड़क किनारे बैठे रहे, लेकिन बड़े बोल्डर और टनों मलबा होने से देर शाम तक सड़क नहीं खोली जा सकी। यह सड़क पिछले एक सप्ताह में चार बार सड़क बंद हो चुकी है।
मंगलवार रात जिले भर में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिल्ली बैंड के पास मलबा आ गया। इस दौरान मैदानी क्षेत्रों से आ रहे कुछ वाहन रास्ते पर ही फंस गए।
रातभर मूसलाधार बारिश होने से रात में सड़क नहीं खोली जा सकी। सुबह दिल्ली बैंड के अलावा मीना बाजार और चुपकोट बैंड के पास भी पहाड़ियां दरकने से सड़क पर मलबे के ढेर लग गए। इससे यातायात ठप हो गया।
तीन स्थानों पर सड़क बंद होने से सुबह चार बजे से ही पिथौरागढ़ और घाट की ओर वाहनों की कतारें लगने लगीं। एनएच खंड ने मौके पर जेसीबी और पोकलैंड भेजकर सड़क खोलने का काम शुरू किया लेकिन विशालकाय बोल्डर और टनों मलबा हटाने में मशक्कत करनी पड़ी।
पहाड़ी से बार-बार पत्थर और मलबा गिरने से सड़क खोलने के काम में बाधा आई। इससे दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में वाहनों की कतारें लग गई। मैदानी क्षेत्रों को जा रहे कई यात्री घंटों तक इंतजार के बाद लौट आए, जबकि बसों, टैक्सियों या निजी वाहनों से आवागमन कर रहे यात्रियों को भूखे-प्यासे सड़क खुलने की उम्मीद में पूरे दिन इंतजार करना पड़ा।
हरिद्वार, दिल्ली, टनकपुर, हल्द्वानी जाने वाले यात्रियों की अधिक संख्या थी। बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। देर शाम तक सड़क खोलने का काम जारी था लेकिन सड़क नहीं खुल पाई थी।
मूसलाधार बारिश के कारण पिथौरागढ़-थल सड़क पर चोपड़ा के पास भूस्खलन हो गया। सड़क का कुछ हिस्सा नदी में समा जाने से इस रूट पर भी यातायात ठप रहा।
इसके चलते पिथौरागढ़ के लोग वाया थल-सेराघाट से भी आवागमन नहीं कर सके। शाम चार बजे पहाड़ी काटकर वाहनों की आवाजाही के लायक बनाया गया। इसके बाद इस रूट पर यातायात सुचारु हुआ।
चुपकोट बैंड से गिरे बोल्डरों ने सड़क को तीन स्थानों पर किया बाधित
पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क पर चुुपकोट बैंड सबसे खतरनाक जोन बन चुका है। इस स्थान पर पिछले दो सालों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसी सप्ताह पहाड़ी दरकने से सड़क चार बार बंद हो चुकी है। मंगलवार रात चुपकोट बैंड पर हुए भूस्खलन के कारण ठीक नीचे घुमावदार सड़क तीन स्थानों पर बाधित हो गई। विशालकाय बोल्डरों को हटाने में जेसीबी और पोकलैंड का भी बस नहीं चला। पहाड़ी से गिरे बोल्डरों के कारण हॉटमिक्स सड़क और सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है।
समाचार पत्र, सब्जी, गैस, डीजल के वाहन भी फंसे
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ से घाट के बीच तीन स्थानों पर सड़क बंद होने से बुधवार को समाचार पत्र पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सके। लोग सुबह से ही समाचार पत्रों की प्रतीक्षा कर रहे थे लेकिन सड़क बंद होने से समाचार पत्र न पहुंचने से पाठकों को काफी मायूसी हुई।
सब्जी, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल समेत ट्रांसपोर्ट के वाहन भी मार्ग पर ही फंसे रहे। फल, सब्जी के वाहन शहर में न पहुंचने से बुधवार को अधिकतर दुकानों में फल, सब्जियां कम मिलीं। शव दाह करने के लिए लोगों को पैदल ही घाट स्थित रामगंगा नदी तक जाना पड़ा। इसके चलते शवयात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
थल-मुनस्यारी सड़क पर भी फंसे रहे वाहन
नाचनी (पिथौरागढ़)। मंगलवार को रातभर हुई बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क नया बस्ती में बंद हो गई। बुधवार की सुबह साढ़े पांच बजे से हल्द्वानी, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी की ओर जाने वाले दर्जनों वाहन इस मार्ग पर फंस गए। सूचना मिलते ही जान की परवाह न कर लोनिवि डोजर ऑपरेटर जमन सिंह ने पहाड़ी से लुढ़कते पत्थरों के बीच साढ़े सात बजे सड़क खोल दी।
बारिश से रामगंगा नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है। नाचनी में रामगंगा तटों पर सिंचाई विभाग की ओर से कराए जा रहे सुरक्षा तटबंधों के निर्माण में दिक्कतें आ रही है। खनन विभाग के भैंसखाल में कराया जा रहा रिवर चैनलाइज कार्य पानी बढ़ने से प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को नदी के रुख को गांव की ओर से हटाकर चैनल की ओर किया था।
रात्रि में बारिश से नदी का जल स्तर बढ़ गया। नदी ने आरबीएम से बने अवरोध को तोड़ कर फिर अपना रुख गांव की ओर कर दिया है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।