चंपावत। दिवाली पर आतिशबाजी की चमक और उत्साह के बीच आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां, बारूद के कण और धुआं आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, थोड़ी सी सावधानी बरतकर आंखों से जुड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शौर्य सिंह ने बताया कि दिवाली के दौरान आंखों में चोट लगने के मामले बढ़ जाते हैं। पटाखों से उड़ने वाले बारूद के कण आंखों में जाने पर कॉर्निया में खरोंच, जलन, सूजन और संक्रमण की समस्या हो सकती है। वहीं धुएं के कारण आंखों में लालिमा, खुजली और एलर्जी की शिकायत भी बढ़ जाती है।
उन्होंने सलाह दी कि आतिशबाजी के दौरान हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखें और संभव हो तो सुरक्षा चश्मे का उपयोग करें। रॉकेट और अनार जैसे पटाखों को खुले स्थान पर ही जलाया जाए और जलते हुए पटाखों के ऊपर झुककर देखने से बचा जाए।
डॉ. सिंह ने बताया कि यदि पटाखे की चिंगारी या कोई कण आंख में चला जाए तो उसे हाथ से रगड़ने की गलती नहीं करनी चाहिए। आंख में फंसे कण को निकालने या घरेलू उपचार करने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में साफ पानी से आंख को धोकर तुरंत नेत्र चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंख में तेज दर्द, धुंधला दिखना, लगातार पानी आना या रोशनी सहन न होना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर उपचार से गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।