पिथौरागढ़। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में दो साल पूर्व स्वीकृत पासपोर्ट कार्यालय एक हजार स्क्वायर फुट जगह के अभाव में नहीं खुल पा रहा है। पासपोर्ट कार्यालय न होने की वजह से सीमांत के लोगों को पासपोर्ट बनाने के लिए अल्मोड़ा से लेकर देहरादून तक की दौड़ लगानी पड़ रही है।
फरवरी 2018 में देव सिंह मैदान में आयोजित वसंतोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने पिथौरागढ़ के लोगों को पासपोर्ट कार्यालय स्वीकृत होने की जानकारी दी थी। साथ ही उन्होंने शीघ्र ही पासपोर्ट कार्यालय खुलने की बात भी कही थी। उन्होंने कहा था कि प्रधान डाकघर में पासपोर्ट कार्यालय का उद्घाटन करने वह स्वयं आएंगे। इसके बाद लोगों को पासपोर्ट बनाने के लिए कहीं नहीं जाना पड़ेगा। इस घोषणा से सीमांत के लोग खुश हो गए थे कि अब उन्हें दून या अल्मोड़ा की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी लेकिन वीके सिंह की घोषणा के दो साल बाद भी पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुल पाया है।
बताया जा रहा है कि पासपोर्ट कार्यालय खोलने में जगह की समस्या आड़े आ रही है। प्रधान डाकघर के पास पासपोर्ट कार्यालय खोलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इस कारण कारण पासपोर्ट कार्यालय का मामला आगे नहीं बढ़ पाया है।
सीमांत की जनता को पासपोर्ट बनाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पिथौरागढ़-डाकघर को पासपोर्ट कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध करानी चाहिए थी। जिन-जिन जगहों पर पासपोर्ट कार्यालय खोलने की घोषणा हुई थी। वहां खुल चुुके हैं। डाकघर को जनहित के इस कार्य के लिए जगह उपलब्ध कराकर जनता को खुशी देनी चाहिए थी। -अजय टम्टा, सांसद।
मानकों के अनुसार पासपोर्ट कार्यालय में एक हजार स्क्वायर फु ट की जगह होनी चाहिए। डाकघर में तीन सौ से साढ़े तीन सौ स्क्वायर फुट की ही जगह उपलब्ध है। रिपोर्ट बनाकर उच्च स्तर पर भेज दी गई है। - ललित जोशी, डाक अधीक्षक, पिथौरागढ़।