पिथौरागढ़ में सड़क किनारे वाहन खड़े होने से आए दिन जाम लगता है।
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पिथौरागढ़ जिले में पंजीकृत वाहनों की संख्या 40 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। इन वाहनों के लिए नगरीय क्षेत्रों में पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। पार्किंग स्थल के अभाव में सड़कों को ही पार्किंग बना दिया गया है। इसके चलते जाम की समस्या बढ़ती जा रही है।
एआरटीओ कार्यालय पिथौरागढ़ में वर्तमान में पंजीकृत वाहनों की संख्या 40 हजार से अधिक है। इनमें 27 हजार से अधिक दोपहिया वाहन, जबकि 6400 कारें हैं। इसके अलावा शेष व्यावसायिक वाहन हैं। नगर क्षेत्र की आंतरिक सड़कों पर सबसे अधिक दबाव कारों और दोपहिया वाहनों का रहता है। हजारों की संख्या में वाहन होने के बावजूद पिथौरागढ़ शहर में उचित पार्किंग स्थल तक नहीं है। पिथौरागढ़ नगर में स्थिति यह है कि नेशनल हाईवे से लेकर गलियां तक पार्किंग स्थल बन गई हैं।
जिला मुख्यालय से एक दर्जन से अधिक स्टेशनों के संचालित होने वाली जीपों की स्टेंड भी सड़कों पर ही बनाया गया है। इस हालात में राहगीरों के लिए सड़कों के किनारे सुरक्षित चलने के लिए भी स्थान नहीं है। इसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। देवसिंह मैदान के पास 2015 से बन रही एकमात्र मल्टी पार्किंग स्टोरी धन की कमी के कारण बेहद धीमी गति से बन रही है। पार्किंग सुविधा नहीं होने से नगर की सड़कों में सुबह से ही जाम लगना शुरू हो जाता है। जाम में एंबुलेंस से लेकर स्कूल बसें भी फंसती हैं। इससे बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जाम की समस्या से निटपने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से वन वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन वाहनों के सड़कों के किनारे खड़ा होने से बड़े वाहन के प्रवेश करते ही वन वे वाले रूटों में भी जाम लग जाता है। पार्किंग असुविधा का यही हाल डीडीहाट, धारचूला, गंगोलीहाट सहित अन्य नगर क्षेत्रों में भी है।
- मल्टी पार्किंग स्टोरी का निर्माण कार्य चल रहा है। आधा दर्जन स्थलों पर नए पार्किंग स्थल प्रस्तावित हैं। घुपौड़ में दो पार्किंग स्थल बनने हैं। इनमें एक पार्किंग स्थल का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रिफ कैंप और स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास पार्किंग स्थल प्रस्तावित हैं। पार्किंग स्थल बनने से लोगों को सुविधा मिलेगी।
- राजेंद्र रावत, पालिकाध्यक्ष पिथौरागढ़।