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Pithoragarh News: कोई नहीं मरीज देखने वाला, पीएचसी कंडारीछीना में उपेक्षा का ताला

Tue, 23 Sep 2025 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पीएचसी कंडारीछीना में दवा लेने पहुंचे मरीज और बच्चे। स्रोत : ग्रामीण 
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं किस कदर दम तोड़ रही हैं, इसका उदाहरण पीएचसी कंडारीछीना है। यहां डॉक्टर की तैनाती तो नहीं हुई, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने अनुभव से मरीजों को दवा रहे थे। बीते दिनों उनकी सेवानिवृत्ति के बाद दवा मिलना भी बंद हो गया। विभाग ने अस्पताल में ताला लगाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। मंगलवार को मरीज दवा लेने अस्पताल पहुंचे लेकिन ताला लगा होने से उन्हें निराश लौटना पड़ा।
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गंगोलीहाट विकासखंड के खेतीगांव, इटावा, टुंटाचोड़ा, दुगईआगर, सुन्यूड़ा, ज्वाल, बोकटी, खितोली, धोलानी, गेरू, बड़ीमुना, बैठाना, भैरू, डोवालखेत, अंबाला, दुगईक्यूरी, बरुड़ा, चिलतोला, बोड़ी, मंखोला, सौंणा, भुनार, बसौड़ा, मल्लाधूरा, ल्वेसर सहित आसपास के 30 गांवों की 10 हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पीएचसी कंडारीछीना खोला गया है। वर्ष 2018 में यहां तैनात चिकित्सक ने नौकरी छोड़ दी। तब से यहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं किया गया।
व्यवस्था के तहत फार्मासिस्ट की तैनाती कर सप्ताह में तीन दिन (बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार) उन्हें अस्पताल चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अन्य दिनों यहां तैनात एकमात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने अनुभव से मरीजों को दवा देने का काम कर रहे थे। बीते दिनों वह सेवानिवृत्त हो गए तो स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में ताला लगा दिया। अब इस अस्पताल के ताले खोलने वाला भी कोई नहीं है और क्षेत्र के मरीजों को इलाज तो दूर मामूली दवा मिलना भी बंद हो गया है। मंगलवार को कुछ लोग और बीमार बच्चे दवा के लिए अस्पताल पहुंचे लेकिन अस्पताल में ताला लगा होने से उन्हें निराश लौटना पड़ा। चिकित्सक की तैनाती न होने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
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किसी अन्य डॉक्टर को भी नहीं दिया गया प्रभार
स्वास्थ्य विभाग पीएचसी कंडारीछीना में डॉक्टर तो तैनात नहीं कर सका, हैरानी है कि किसी अन्य चिकित्सक को भी इस अस्पताल का प्रभार नहीं दिया गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश भंडारी, पूर्व प्रधान गोविंद सिंह, दीपक लाल, दरपान सिंह, प्रधान राजेंद्र सिंह, बीडीसी सदस्य सुंदर सिंह सहित क्षेत्र के लोगों ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर न होना क्षेत्र की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की बात कर रही है लेकिन हमारे अस्पताल में ताले लटके हैं।
कोट
पीएचसी कंडारीछीना में डॉक्टर नहीं हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नजदीकी अस्पताल के फार्मासिस्ट को वहां का प्रभार दिया गया है, जो सप्ताह में तीन दिन अपनी सेवा देते हैं। अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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