पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लंबे समय से बारिश न होने के कारण नगर के कई स्थानों में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। नलों में पानी न आने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार की मांग की है।
नगर क्षेत्र के सिनेमा लाइन, जगदंबा कॉलोनी, हनुमान मंदिर, टकाना, पांडेगांव सहित कई स्थानों में लोगों को मांग के सापेक्ष पानी नहीं मिल पा रहा है।
इस कारण लोग परेशान हैं। जल संस्थान पेयजल संकट को कम करने के लिए नगर के विभिन्न क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति कर रहा है।
युकां जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर का कहना है कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी लोगों को मांग के सापेक्ष पानी नहीं मिल रहा है। घाट पेयजल योजना का ट्रायल के दौरान ही दम टूट गया है। उन्होंने शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
पानी बांटकर चुनावी लाभ लेने की जुगत में दावेदार
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। वर्ष 2022 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे कई दावेदार डीडीहाट नगर में पेयजल की आपूर्ति अपने संसाधनों से कराकर मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं।
नगर में रोजाना सरकारी टैंकरों समेत कई निजी वाहनों से पानी बांटा जा रहा है। डीडीहाट नगर में गर्मी में पेयजल संकट गहरा जाता है। कई वार्डों में तो नलों से पानी की बूंद तक नहीं टपकी है।
जल संकट से निजात दिलाने के लिये भले ही जल संस्थान अपने टैंकरों से पानी बांटता है लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी लोगों को नहीं मिल पाता है।
इसीलिए कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी प्रदीप पाल एक ट्रैक्टर टैंकर लगाकर पानी बांट रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी किशन भंडारी, नगर पालिका अध्यक्षा कमला चुफाल अपने संसाधनों से लोगों की प्यास बुझा रहे हैं।
11 साल में डीडीहाट पहुंचा रामगंगा नदी का पानी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। भले ही 11 साल बाद थल डीडीहाट रामगंगा पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति हो गई है लेकिन अभी इससे नगर में पानी की सप्लाई करने में कुछ समय लगेगा। अभी योजना के पाइपों और टैंकों को साफ किया जा रहा है। पानी को लोगों तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है।
डीडीहाट के लोगों की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान होगा। इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। कुछ लोग पानी को लेकर सस्ती राजनीति कर रहे हैं। शीघ्र ही डीडीहाट के लोगों को रामगंगा नदी से बनी पेयजल योजना का पानी उपलब्ध हो जाएगा।
- बिशन सिंह चुफाल, पेयजल मंत्री, उत्तराखंड सरकार।