पिथौरागढ़ बाजार में बिना मास्क के घूमते लोग। संवाद
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पिथौरागढ़। देश-प्रदेश में ओमिक्रॉन स्वरूप के मामले बढ़ने के बावजूद सीमांत पिथौरागढ़ जिले में कोई एहतियात नहीं बरती जा रही है। इसी कारण पिथौरागढ़ शहर में न तो लोग मास्क ला रहे हैं और न ही सुरक्षित दूरी का पालन किया जा रहा है। इस कारण कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा है।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में पिथौरागढ़ जिले के 160 से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। अब ओमिक्रॉन का खतरा है क्योंकि पिथौरागढ़ में रोजाना बड़ी संख्या में बाहरी क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में पर्यटक भी यहां आ रहे हैं। पड़ोसी देश नेपाल से भी लोगों की आवाजाही है। प्रशासन ने एहतियात बरत बाहरी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों की एंटीजन जांच की व्यवस्था की है।
इसीलिए सेराघाट और ऐंचोली में यात्रियों की जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय झूला पुलों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गईं हैं। नेपाल से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। किसी के संक्रमित मिलने पर उसे वापस भेजा जा रहा है। चौकोड़ी के लिए आ रही एक महिला पर्यटक भी शनिवार को कोरोना संक्रमित मिली थी। एहतियात के तौर पर दल में शामिल सभी पर्यटकों को आइसोलेट किया गया है।
कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद पिथौरागढ़ जिले में लोग लापरवाही बरत रहे हैं। बाजार में सुरक्षित दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। रविवार को भी बाजार में अधिकतर लोग बिना मास्क के खरीदारी के लिए पहुंचे। ऐसे में यदि कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति इस भीड़ में पहुंचा तो हालात गंभीर हो सकते हैं। सीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी ने लोगों से टीकाकरण समेत सुरक्षित दूरी का पालन कर मास्क का प्रयोग करने की अपील की है।