प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेजम परिसर में उगी झाड़ियां।
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नाचनी (पिथौरागढ़)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तेजम खुद बीमार हो गया है। अस्पताल भवन के जीर्णशीर्ण होने और व्यवस्थाएं न होने से लोग मामूली से उपचार के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। इसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कई बार इसे उच्चीकृत करने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन उच्चीकृत होने के बजाय इसे दोबारा पीएचसी ग्रेड-बी बना दिया गया।
तेजम में पीएचसी की स्थापना वर्ष 1960 में हुई थी। अस्पताल भवन अब पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो गया है। चिकित्सकों और अन्य स्टाफ के रहने के लिए बनाए गए आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्ष 2013 में सरकार ने पीएचसी का उच्चीकरण कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बना दिया था। वर्ष 2017 में फिर नई सरकार ने इसमें व्यवस्थाएं बढ़ाने की जगह इसे फिर पीएचसी ग्रेड बी बना दिया। अस्पताल में कुछ समय पूर्व तक प्राथमिक उपचार की भी सुविधा नहीं थी, अब अस्पताल में दो चिकित्सक तैनात कर दिए गए हैं।
चिकित्सक आवास के बदहाल होने के कारण चिकित्सक किराए का कमरा लेकर रहने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। चिकित्सक आवास में लावारिस मवेशी घूमते रहते हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर को पूरी तरह गंदा कर दिया है। अस्पताल में एकमात्र स्वच्छक होने से अस्पताल में सफाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इसके बाद भी सरकार व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान गजराज सिंह बिष्ट का कहना है कि शीघ्र अस्पताल को ठीक नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पर्याप्त चिकित्सक न होने से लोगों की दिक्कत बढ़ी
नाचनी (पिथौरागढ़)। तेजम के अस्पताल में पर्याप्त सुविधा न होने से लोग परेशान हैं। अस्पताल में सुविधा न होने से तल्ला जोहार के 50 से अधिक गांवों के लोग परेशान हैं। तेजत अस्पताल में दो फार्मासिस्टों के सापेक्ष एक फार्मासिस्ट, दो एएनएम सापेक्ष एक एएनएम है। दो स्टाफ नर्स की जगह एक और वार्डब्वॉय का पद स्वीकृत होने के बाद भी वार्डब्वॉय नहीं है। अस्पताल में महिला चिकित्सक न होने यहां प्रसव आदि भी नहीं हो पा रहे हैं।
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधारने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर से नियुक्ति होने पर स्टाफ की नियुक्ति कर दी जाएगी।
- डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।