जिला अस्पताल ठंड के मौसम में बरामदे में बैड लगाकर भर्ती किए गए रोगी।
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पपिथौरागढ़। सोचो पारा शून्य के बेहद करीब हो और आपको बरामदे में सोना पड़े। सोचने भर से कंपकंपी छूट जाती है, है न। लेकिन जिसकी कल्पना मात्र से ही कंपकंपी छूट रही है वह पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में कुछ मरीजों के जीवन की सच्चाई है।
120 शैय्याओं के अस्पताल में मेडिकल वार्ड कोविड रोगियों के लिए रिजर्व होने के कारण रोगियों को बरामदे में बेड लगाकर भर्ती किया जा रहा है। करीब आठ से 10 मरीज बरामदे में बिना हीटर आदि के ठिठुरते हुए सर्द रातें काटने के लिए मजबूर हैं।
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में 120 बेड हैं। अस्पताल में 90 मरीज भर्ती हैं, जबकि 30 बेड कोविड रोगियों के लिए रिजर्व रखा गया है। ऐसे में रोगियों की संख्या को देखते हुए आर्थो वार्ड के बाहर आठ से 10 बैड लगाकर रोगियों को भर्ती किया गया है, जिनमें से लगभग सभी बेड भरे हैं।
मजबूरी में बरामदे में भर्ती इन रोगियों को न्यूनतम तीन डिग्री तापमान में रात काटनी पड़ रही है। हीटर की व्यवस्था नहीं होने के कारण इनकी दिक्कतें दोगुनी हो जाती हैं। कई रोगियों ने खुद के प्रयासों से हीटर लगाए हैं, लेकिन कई रोगियों के पास हीटर नहीं है।
जिला अस्पताल 120 बेड का है। 30 बेड का मेडिकल वार्ड कोविड रोगियों के लिए रिजर्व रखा गया है। रोगियों की संख्या बढ़ने के कारण इनको बरामदे में बेड लगाकर भर्ती किया गया है।
- डॉ. केसी भट्ट, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।