पिथौरागढ़। जिले के अंतिम गांव नामिक की समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों ने डीएम से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाओं का उन्हें आज भी इंतजार है। वह आज भी कई किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। न तो गांव तक सड़क है। न लोगों के लिए संचार और बिजली की सुविधा।
सामाजिक कार्यकर्ता भवान सिंह के नेतृत्व में लोगों ने मंगलवार को डीएम से मुलाकात कर गांव की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत नामिक विकासखंड मुनस्यारी का दुर्गम और सबसे अंतिम ग्राम है। जहां पहुंचने के लिए 27 किमी पैदल चलना पड़ा है। नामिक गांव को बिजली लाइन से नहीं जोड़ा गया है। गांव में एक मात्र उरेडा का 50 केवी का विद्युत गृह है। जो वर्ष में एक या दो माह ही बिजली आपूर्ति करता है। मशीनें खराब होने से बिजली घर अधिकांश समय बंद रहता है। पीएमजीएसवाई होकरा से नामिक तक 17 किमी सड़क निर्माण का कार्य कर रहा है। सड़क कार्य जून 2020 में पूरा होना था, लेकिन वर्तमान में मात्र छह किमी सड़क ही कट पाई है। कार्य भी बंद पड़ा है। गांव के लोगों के पास आज भी संचार की कोई सुविधा नहीं है। 50 किमी तक कोई कनेक्टिविटी नहीं है। कहा समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर प्रधान तुलसी देवी, प्रताप सिंह, विनोद सिंह मौजूद रहे।
विद्युत परियोजना ठीक करने की मांग
पिथौरागढ़। ग्राम पंचायत नामिक के लोगों ने नामिक लघुजल विद्युत परियोजना ठीक कराने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता भवान सिंह के नेतृत्व में लोगों ने परियोजना अधिकारी उरेडा को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि 50 किलोवाट की विद्युत परियोजना कई समय से बंद है। इस कारण बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कहा कि परियोजना को जल्द ठीक कर बिजली आपूर्ति सुचारु की जाए।