बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। जिले में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था से मरीज बेहाल हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी से अस्पताल पहुंच रहे रोगी इलाज के लिए भटक रहे हैं। इन दिनों यही हो रहा है बेड़ीनाग के होम्योपैथिक चिकित्सालय में।
होम्योपैथिक अस्पताल में तैनात एकमात्र डॉक्टर दो महीने पूर्व सेवानिवृत्त हो गए थे। इनकी जगह नई तैनाती नहीं हुई। तब से अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा था। फार्मासिस्ट के भी छुट्टी पर चले जाने से अस्पताल में बीते एक सप्ताह से ताले लटके हैं। पुरानाथल, गणाई, गंगोलीहाट, पांखू, चौडमन्या सहित बागेश्वर और अल्मोड़ा के सीमावर्ती क्षेत्रों की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर है। रोजाना इन क्षेत्रों के 150 से अधिक लोग इलाज और दवा के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
बेड़ीनाग के अतिरिक्त बागेश्वर और अल्मोड़ा की सीमा से लगे गांवों से बड़ी संख्या में लोग होम्योपैथिक अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल के बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है। अस्पताल में शीघ्र ही डॉक्टर की तैनाती की जानी चाहिए।
दीपक उप्रेती, अध्यक्ष, ग्राम प्रधान संगठन
होम्योपैथिक चिकित्सालय पर बेड़ीनाग के साथ बागेश्वर और अल्मोड़ा के लोग इलाज के लिए निर्भर हैं। अस्पताल में डॉक्टर और अन्य स्टाफ नहीं होने से लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है। अब फार्मासिस्ट के छ़ट्टी पर जाने से उन्हें दवा भी नहीं मिल रही है।
रेखा भंडारी, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख
अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट अवकाश पर हैं। शुक्रवार को उनके लौटने पर अस्पताल खुल जाएगा। चिकित्सक की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है। शीघ्र चिकित्सक की भी नियुक्ति हो जाएगी।
गणेश बुदियाल, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, पिथौरागढ़