फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: बिना बैरियर बेफिक्री... काली और गोरी नदी के किनारे सिस्टम सोया, पहाड़ रोया

Tue, 09 Sep 2025 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर पलेटा के पास संकरी सड़क पर गायब क्रश बैरियर। संवाद
विज्ञापन
सीमांत पिथौरागढ़ में सड़कें यात्रियों के लिए सफर में मददगार से ज्यादा जोखिम का जाल बन चुकी हैं। सामरिक, पर्यटन और स्थानीय यातायात की दृष्टि से बेहद अहम सड़कों पर सुरक्षा इंतजामों के नाम पर सिर्फ झूठे दावे किए जा रहे हैं। चीन सीमा के साथ ही पर्यटन नगरी मुनस्यारी, पर्यटक स्थल बेड़ीनाग, गंगोलीहाट को जोड़ने वाली सड़कों पर हर रोज हजारों वाहन, यात्री और पर्यटक आवाजाही करते हैं। जमीनी हकीकत यह है कि न तो चेतावनी बोर्ड और क्रश बैरियर पर्यात्त हैं और ना ही किसी को धंसती दीवारों को दुरुस्त करने की सुध। बीआरओ और लोनिवि के अधिकारी रिपोर्टों और प्रस्तावों की आड़ में बैठे हैं जबकि आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। संवाद न्यूज एजेंसी ने जिले की प्रमुख सड़कों की पड़ताल की। पढि़ए रिपोर्ट...
विज्ञापन

इंफो
63 मौतें हो चुकी हैं पिथौरागढ़ की सड़कों पर पांच साल में
17 लोग इस साल अब तक विभिन्न हादसों में मारे गए
-
पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे: क्रश बैरियर नहीं, धंस रहीं सुरक्षा दीवारें
पिथौरागढ़। 90 किलोमीटर लंबा यह सामरिक मार्ग चीन सीमा से जुड़ता है लेकिन यहां सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। सल्मोड़ा से कनालीछीना तक केवल खानापूर्ति हुई है। घूसाखान मंदिर के पास संकरी सड़क पर आज तक बैरियर नहीं लगे। सतगढ़ और पलेटा के पास धंस चुकी दीवारों से क्रश बैरियर खाई में लटके हैं। छह महीने पहले डाले गए डामर की परत उखड़कर गड्ढे बन चुकी है। इस सड़क पर जगह-जगह बने स्मृति पटल हादसों की गवाही दे रहे हैं। इसके बाद बीआरओ सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है।
-
थल-मुनस्यारी मार्ग: डेंजर जोन पर मौत का साया
नाचनी। 72 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सिर्फ 15 किलोमीटर दायरे में क्रश बैरियर लगे हैं। हरड़िया, रातीगाड़, फल्यांटी में बने डेंजर जोन के आसपास न तो क्रश बैरियर लगे हैं और न चेतावनी बोर्ड। कक्कड़ सिंह बैंड के पास बेहद संकरी सड़क पर भी सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई गई है। दयनीय हालत और असुरक्षित सड़क को देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही भी बेहद कम हो चुकी है इससे पर्यटन कारोबार भी घटने लगा है। हरड़िया की पहाड़ी के लिए ट्रीटमेंट के लिए भेजा गया प्रस्ताव भी सरकारी फाइलों में सिमटा है।
विज्ञापन

-
धारचूला-तवाघाट: एक तरफ दरकती पहाड़ी, दूसरी तरफ काली नदी
धारचूला। सिर्फ 18 किलोमीटर लंबी यह सड़क जीवन और मौत के बीच का रास्ता बन चुकी है। चीन सीमा और आदि कैलाश को जोड़ने वाली इस सड़क पर एक तरफ दरकती पहाड़ी खतरा बनी है तो दूसरी तरफ काली नदी। पहाड़ियों पर लटके बोल्डर मौत बनकर झांक रहे हैं तो काली नदी की तरफ सुरक्षा के लिए न तो पैरापिट बने हैं और न क्रश बैरियर लगाए गए हैं। ऐसे में इस सड़क पर आए दिन हादसे हो रहे हैं और यात्री और पर्यटक खतरे के बीच सफर करने के लिए मजबूर हैं। हालांकि यह सड़क निर्माणाधीन है लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से इसमें अनदेखी की गई है।

जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग: दुर्घटना हुई तो सीधे गोरी नदी में गिरने का खतरा
बंगापानी। 57 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर मात्र पांच किलोमीटर हिस्से में ही बैरियर लगाए गए। मुनस्यारी को जोड़ने वाली इस दूसरे मार्ग पर गोरी नदी किनारे बनी सड़क पर क्रश बैरियर न होने से यात्री जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। चुमड़िया थौड़, घिंघरानी, फगुवा, रतपरिया में डेंजर जोन चिन्हित किए गए लेकिन यहां सुरक्षा के इंतजाम अब तक नहीं हुए। हालात यह है कि यदि कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो वह सीधे गोरी नदी में समाएगा। लंबे समय से सड़क पर क्रश बैरियर लगाने की मांग की जा रही है इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
-
लगातार हादसे... फिर भी आंखें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले की बदहाल सड़कों पर सड़क हादसे नहीं थम रहे हैं। बीते पांच साल में सड़क दुर्घटनाओं में 63 लोग जान गंवा चुके हैं। वर्ष 2021 में थल-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग पर एक कार दुर्घटना में सेनि. ब्रिगेडियर विनोद चंद सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसी वर्ष हल्द्वानी से पिथौरागढ़ आ रही एक कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। 12 जून 2022 को डीडीहाट से बागेश्वर जा रही कार के डीडीहाट-थल मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने से चार महिलाओं को असमय काल के गाल में समाना पड़ा। 12 नवंबर को पिथौरागढ़-चंडाक मार्ग पर कार के खाई में गिरने से व्यवसायी भुवन गुंज्याल जबकि 27 नवंबर 2022 को पिथौरागढ़-धारचूला मार्ग पर खिरचना के पास हुए सड़क हादसे में दो बैंक कर्मी मारे गए। वर्ष 2023 में हुई छह सड़क दुर्घटनाओं में 13 लोगों की मौत हुई। वहीं फरवरी 2025 में थल-डीडीहाट सड़क पर कार खाई में गिरने से दो युवकों, जनवरी में मुनस्यारी-मिलम सड़क पर वाहन खाई में गिरने से सात, जुलाई में थल-मुवानी सड़क पर जीप के खाई में गिरने से आठ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इन दुर्घटना स्थलों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले।

बोले चालक
जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर सफर सुरक्षित नहीं है। क्रश बैरियर लगाना आवश्यक है। जिले की अन्य सड़कों के भी यही हाल हैं। सड़कों पर सुरक्षा के दावे तो किए जाते हैं जो धरातल पर बेअसर हैं।
फकीर सिंह मेहरा, बंगापानी

पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे की हालत खराब है। जगह-जगह सुरक्षा दीवार गिरने से सड़क संकरी हो गई है। संवेदनशील स्थानों पर क्रश बैरियर का भी अभाव है। प्रमुख सड़कों पर सफर सुरक्षित बनाने के लिए गंभीरता से काम होना चाहिए।
सुभाष कापड़ी, कनालीछीना
-
बोले लोग
सीमांत जिले में सभी सड़कों की हालत दयनीय है। इन सड़कों को बेहतर और सुरक्षित बनाना चाहिए। ऐसा नहीं हो रहा है। प्रमुख सड़कों पर ही लोग खतरे के बीच सफर कर रहे हैं। समझा जा सकता है कि ग्रामीण सड़कों की हालत क्या होगी।
नंदन सिंह बथियाल, सिरतोला

सीमांत जिले में सड़कों की हालत बेहद खराब है। चाहे यह सड़क मुनस्यारी, धारचूला को जोड़ने वाली हो या फिर ग्रामीण। इन सड़कों पर सफर सुरक्षित बनाने के लिए ठोस इंतजाम होने चाहिए। यदि सड़कें बेहतर होंगी तो हादसे रुकेंगे और जिले का विकास भी होगा।
मोहन चंद्र पांडे, चंडाक
-
कोट-बिनियागांव से तवाघाट तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। प्रभावितों को मुवावजा देने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद ही क्रश बैरियर लगाने और अन्य सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे।
सौरभ कुमार, ओसी, 67 आरसीसी, बीआरओ, धारचूला

कोट-थल-मुनस्यारी सहित अन्य सड़कों पर क्रश बैरियर लगाने और अन्य सुरक्षात्मक कार्य के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। स्वीकृति के बाद ही काम होगा। उम्मीद है जल्द स्वीकृति मिलेगी।
विज्ञापन

अजय थपलियाल, ईई, लोनिवि, डीडीहाट

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें