इस तरह दरक रही निर्तोली गांव की पहाड़ी
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मदकोट से बोना के लिए बन रही सड़क की बेतरतीब कटिंग से 40 परिवारों वाला निर्तोली गांव आपदा की जद में आ गया है। जल्द गांव की सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में निर्तोली में तबाही मच सकती है। सड़क कटिंग से गांव के नीचे की पहाड़ी जबरदस्त ढंग से दरक रही है।
24 किमी लंबे मदकोट-बोना मार्ग के किमी 16 में सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी बेतहाशा काटने से लगातार जमीन खिसक रही है। पहाड़ी में दरारें आ गई हैं। सड़क के ऊपर की पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। ये भूस्खलन निर्तोली गांव के लिए खतरे का कारण बन गया है। ग्राम प्रधान जय सिंह पहाड़ी खिसकने को गांव के लिए गंभीर खतरा बताते हैं। कहते हैं कि कई बार सुरक्षा दीवार लगाने का मामला लोनिवि के विश्व बैंक डिवीजन और एसडीएम के सामने उठाया जा चुका है, लेकिन विभाग और प्रशासन निर्तोली के ऊपर मंडरा रहे खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
इस संबंध में लोनिवि के विश्व बैंक डिवीजन के अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर भट्ट का कहना है कि इस स्थान पर सुरक्षा दीवार लगाने के आदेश पहले ही ठेकेदार को दिए जा चुके हैं। दीवार न लगाना गंभीर बात है। वह स्वयं सड़क का जायजा लेंगे। दीवार लगवाई जाएगी।
बेतहाशा कटिंग से कनालीछीना कस्बे पर भी खतरा
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। सीमा सड़क संगठन ने कनालीछीना कस्बे में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पहाड़ी को इतना ऊपर तक काट दिया है कि पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। पेड़ गिर रहे हैं, यदि पहाड़ी का पूरा मलबा एक साथ नीचे गिरा तो कनालीछीना में कई दुकान और मकान मलबे में दब जाएंगे। कई आवासीय मकान भी इस स्थान पर भूस्खलन की जद में आ गए हैं। समाजसेवी शिवराज भंडारी कहते हैं कि एक साल से सुरक्षा दीवार लगाने की मांग सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से की जा रही है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।