डीडीहाट में आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों की हालत
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30 जून 2016 की आपदा के समय क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत के लिए अब तक शासन से धन नहीं मिल पाया है। इस कारण कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत नहीं हो पाई है। दो माह बाद मानसूनी बारिश का दौर शुरू होगा। ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। लोगों को इस बार मानसून सीजन में ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
पिछले साल की आपदा से नगरपालिका क्षेत्र डीडीहाट, खेतार कन्याल, भड़गांव, ओगला के जेठीगांव, नारायणनगर सहित कई गांवों में भारी तबाही मची थी। थल से डीडीहाट ओगला को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की हालत खस्ताहाल हो गई थी। कई पेयजल योजनाएं, सिंचाई की गूलें और नहरें, दर्जनों आंतरिक मार्गों को नुकसान पहुंचा था। इनकी विभागों ने कामचलाऊ हालत में मरम्मत तो कर दी, लेकिन अब भी ज्यादातर काम करना बाकी है। यदि क्षतिग्रस्त योजनाओं की जल्दी मरम्मत नहीं हुई तो लोगों को इस बार के मानसून सीजन में ज्यादा परेशानी उठानी पड़ जाएगी।
लोनिवि डीडीहाट को आपदा से पांच करोड़ का नुकसान हुआ था, लेकिन उसे मात्र एक करोड़ 11 लाख की धनराशि ही मिली। वहीं जल संस्थान को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए दो करोड़ पचास लाख की धनराशि की आवश्यकता थी, उसे मात्र एक करोड़ 39 लाख ही प्राप्त हुआ। नगर पालिका डीडीहाट को तीन करोड़ पच्चीस लाख का नुकसान हुआ। उसे मात्र 13 लाख 50 हजार रुपये ही मिल पाए। सिंचाई, लघु सिंचाई की कई योजनाओं के लिए पैसा नहीं मिला है। भाजपा जिला महामंत्री लोकेश भड़ ने आपदा से नुकसान की भरपाई के लिए पूरी धनराशि विभागों को दिए जाने की मांग का पत्र मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजा है।