धारचूला के ऐलागाड़ में वेतन बढ़ाने की मांग पर प्रदर्शन करते एनएचपीसी के दैनिक और संविदा कर्मी।
धारचूला (पिथौरागढ़)। एनएचपीसी के दैनिक और संविदा कर्मियों ने वेतन बढ़ाने की मांग पर ऐलागाड़ पावर हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर वह बिजली उत्पादन कर रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें सम्मानजनक वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस मांग पर हड़ताल करने पर उनका वेतन काटा गया है। कहा कि वे आठ सितंबर से काम बंद हड़ताल शुरू करेंगे। इस दौरान ऐलागाड़ पावर हाउस के टनल में तीन दिनों तक फंसे रहे कर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
एनएचपीसी के दैनिक और संविदा कर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करते हुए जान जोखिम में डालकर बिजली उत्पादन कर रहे हैं। बीते दिनों भूमिगत पावर हाउस की टनल के दोनों द्वार भूस्खलन से बंद हो गए। ऐसे में छह संविदा और दैनिक कर्मी भीतर फंस गए इन्हें बमुश्किल बाहर निकाला गया। इन कठिन हालातों में काम करने के बाद भी सम्मानजनक वेतन नहीं दिया जा रहा है। यदि इस मांग पर हड़ताल की जा रही है तो वेतन काटा जा रहा है।
इन लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी नहीं सुनी जा रही है। चेतावनी देते हुए कहा वेतन बढ़ाने तक काम पर नहीं लौटेंगे। कालिका, धारचूला देहात, खुमती सहित अन्य गांवों के जनप्रतिनिधियों ने भी कर्मियों की हड़ताल को अपना समर्थन देने की बात कही है। इस मौके पर यूनियन के उपाध्यक्ष पदम थलाल, अमर दुग्ताल आदि शामिल रहे। प्रदर्शन के बाद ऐक्टू के जिला उप सचिव विनोद कुमार, यूनियन के उपाध्यक्ष पदम थलाल, कार्यकारिणी सदस्य अमर दुग्ताल के नेतृत्व में टनल के भीतर फंसे चंद्र सोनाल, जितेंद्र सोनाल, प्रकाश दुग्ताल, सुनील धामी, विशन धामी और कमलेश धामी को सम्मानित किया गया।