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46 घंटे बाद भी नहीं खुली पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क

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पिथौरागढ़। तीन से अधिक स्थानों पर मलबा आने से बंद पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाइवे बृहस्पतिवार को भी नहीं खुल सका। पिथौरागढ़ और घाट की ओर पिछले 46 घंटों से सैकड़ों वाहन फंसे हैं।
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सड़क खुलने की उम्मीद में बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ से घाट की ओर निकले यात्री मीना बाजार में ही फंसे रहे। बारहमासी सड़क के बंद होने से बसों और टैक्सियों सहित अधिकतर वाहनों का संचालन थल-बेड़ीनाग-सेराघाट मार्ग से हुआ। इस कारण 30 लाख मूल्य की सब्जी और फल बरबाद हो गए हैं।
मंगलवार रात करीब नौ बजे दिल्ली बैंड में मलबा आ गया था। रात भर मूसलाधार बारिश होने से घाट से दिल्ली बैंड तक तीन स्थानों सहित चुपकोट बैंड भी भारी मलबा आ गया था।
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बुधवार सुबह से सड़क खोलने का काम शुरू हुआ लेकिन लगातार पहाड़ी के दरकने और विशालकाय बोल्डर होने से इस स्थान पर शाम को मलबा हटाया जा सका, लेकिन दिल्ली बैंड में बुधवार शाम को बारिश के कारण सड़क खोलने का काम रोकना पड़ा।
बृहस्पतिवार को भी दिल्ली बैंड सहित घाट चौकी के पास आए बोल्डरों को हटाने का काम दिनभर जारी रहा। इसके बावजूद बारहमासी सड़क नहीं खुल सकी।
सड़क खुलने की उम्मीद में सुबह पिथौरागढ़ से घाट की ओर निकले यात्रियों को दिनभर इंतजार के बाद लौटना पड़ा। घाट की ओर फंसे सभी यात्री वाहन बृहस्पतिवार को गंगोलीहाट-बेड़ीनाग होकर पिथौरागढ़ पहुंचे, जबकि फल सब्जी और ट्रांसपोर्ट का सामान ला रहे ट्रक बड़ी संख्या में घाट की ओर फंसे हैं।
पिथौरागढ़ की ओर फंसे वाहन चालक मीना बाजार के ढाबे में खाना खा रहे हैं जबकि घाट की ओर फंसे ट्रक चालकों को खाना और पानी तक नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार रात से बारहमासी सड़क के बंद होने से सब्जी और फल के व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कुछ सब्जी लदे ट्रक बृहस्पतिवार को बेड़ीनाग-थल होकर पिथौरागढ़ पहुंचे जबकि बुधवार की सुबह से फंसे 10 से अधिक ट्रकों में लदी सब्जी और फल खराब हो चुके हैं।
व्यापारी सलीम ने बताया कि एक ट्रक में कम से कम तीन लाख मूल्य की सब्जी लदी होती है। बीन्स, शिमला मिर्च, टमाटर, आम खराब हो चुका होगा।
केवल आलू प्याज ही उपयोग में लाया जा सकेगा। ट्रक स्वामियों के अनुुसार बेड़ीनाग-थल से घूमकर आने से एक सौ से अधिक किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। ऐसे में हजारों रुपये डीजल में ही फुंक जाएंगे।
लोहाघाट से 24 घंटे बाद पिथौरागढ़ पहुंचे शेर बहादुर
पिथौरागढ़। लोहाघाट से पिथौरागढ़ की 60 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम ढाई से तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन सड़क बंद होने से पिथौरागढ़ के बलतड़ी गांव निवासी शेर बहादुर खत्री 24 घंटे में पिथौरागढ़ पहुंच सके।
बलतड़ी गांव निवासी शेर बहादुर ने बताया कि लोहाघाट गए थे। बुधवार को जीप में बैठकर पिथौरागढ़ के लिए चले लेकिन सड़क बंद होने से घाट से तीन किमी पहले से पैदल आना पड़ा। घाट में भी सड़क बंद होने से मीना बाजार तक भी नहीं पहुंच पाया।
जंगल में एक ढाबे के बेंच में ही रात गुजारी। इसके बाद सुबह घाट से पैदल चलकर तीन बजे पिथौरागढ़ पहुंच सके। शेर बहादुर ने बताया कि रास्ते में भोजन पानी कुछ नहीं मिला। लगातार 30 किमी पैदल चलने से वह थक चुके हैं।
- शेर बहादुर खत्री।
खटीमा जाना है। कल से मार्ग में ही फंसे हैं। खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह भी पता नहीं है कि सड़क कब खुलेगी। यहां से वापस जाने में भी काफी समय लगेगा। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- गणेश, दो दिन से फंसा वाहन चालक।
हल्द्वानी जाने के लिए सुबह घर से चले थे। सुबह उन्हें जानकारी मिली कि सड़क एक बजे दिन तक खुल जाएगी। शाम तक इंतजार करने के बाद भी सड़क नहीं खुल सकी है। प्रशासन को इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी। ताकि लोगों को यहां आने के बाद परेशानी न उठानी पड़े।
- राकेश सिंह, हल्द्वानी जा रहे यात्री।
मूसलाधार बारिश होने से पिथौरागढ़-घाट सड़क पर दिल्ली बैंड से घाट चौकी तक तीन स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा आया है। भूस्खलन से बड़े बोल्डर भी सड़क पर गिरे हैं। इन्हें हटाने में समय लग रहा है। बृहस्पतिवार शाम तक सड़क खुलने की उम्मीद थी लेकिन बार-बार पहाड़ी से मलबा गिरने से व्यवधान हो रहा है। उम्मीद है कि शुक्रवार सुबह सड़क यातायात के लिए खोल दी जाएगी।
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- दिनेश गिरिराज
एएई, एनएच खंड, लोहाघाट खंड।
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