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आपात वाहन नहीं मिलने से नवजात की जान गई

Wed, 13 Sep 2017 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
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अस्पताल में भर्ती हंसा देवी - फोटो : अमर उजाला
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जीवनदायिनी माने जाने वाली 108 सेवा की वजह से अब लोगों की जान आफत में पड़ती जा रही है। इस बार 108 सेवा नहीं मिलने की वजह से मालासीमा गांव में एक नवजात की जान चली गई। यहां फोन करने के बाद भी जब 108 सेवा उपलब्ध नहीं हुई तो गांव के लोग प्रसव पीड़िता को दो किमी तक डोली पर बैठाकर लाए और वहां से एक निजी जीप से महिला को थल अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन जीप में ही महिला का प्रसव हो गया और बच्चे की मौत हो गई। थल के महिला अस्पताल में वर्ष 2004 से डॉक्टर नहीं है। महिला की देखरेख एएनएम और स्टाफ नर्स कर रही हैं।
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बताया गया कि मालासीमा गांव के उमेद सिंह की पत्नी हंसा देवी को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। उमेद सिंह ने तत्काल इसकी सूचना आशा कार्यकर्ता भावना भंडारी को दी। आशा कार्यकर्ता ने आपात वाहन 108 को फोन किया। वहां से जवाब मिला कि थल की 108 सेवा तो बंद है, इसलिए डीडीहाट से आपात सेवा को भेजा जा रहा है। सुबह आठ बजे से इंतजार में बैठे लोगों ने आखिरकार दस बजे महिला को जीप से अस्पताल पहुंचाने का फैसला लिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और बच्चे को नहीं बचाया जा सका। हंसा देवी गंभीर हालत में थल अस्पताल में भर्ती है। 

108 और खुशियों की सवारी तीन दिन से ठप
थल की आपात सेवा 108 और खुशियों की सवारी तीन दिन से ठप है। दोनों वाहनों के लिए ईंधन नहीं मिल पा रहा है। थल के जिस पेट्रोल पंप से इन वाहनों को ईंधन मिलता था, उसकी तरफ 2.5 लाख रुपये का बकाया हो गया है। पेट्रोल पंप मालिक ने कहा था कि यदि 10 सितंबर तक भुगतान नहीं होगा तो वह वाहनों के लिए डीजल और पेट्रोल नहीं देगा। 10 सितंबर से डीजल, पेट्रोल न मिलने के कारण आपात वाहन 108 और खुशियों की सवारी बंद हैं। बताया गया है कि दोनों वाहनों की मरम्मत भी की जानी है। मरम्मत के लिए भी धनराशि नहीं मिल पाई है। वाहनों में काम कर रहे कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इधर, सरकार ने आपात सेवा 108 के लिए छह करोड़ रुपये जारी करने का आदेश तो दिया है, लेकिन इस धनराशि के पहुंचने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग जाएगा। 
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अव्यवस्था के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन
प्रसव पीड़िता को अस्पताल लेकर आए लोगों में आपात सेवा 108 के खिलाफ इतना गुस्सा था कि उन्होंने अस्पताल के बाहर ही प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पीड़िता के पति उमेद सिंह भी शामिल हुए। लोगों का कहना है कि सरकार जब इस सेवा को संचालित कर पाने की स्थिति में नहीं है तो लोगों को धोखा देने वाली इस व्यवस्था को समाप्त कर देना चाहिए। आक्रोशित लोगों ने कहा कि आपात सेवा 108 की धोखेबाजी से कई लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। प्रदर्शन में शेर सिंह, विक्रम सिंह, मनोहर सिंह, प्रेम सिंह, भावना देवी आदि शामिल हुए।
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