आपदा प्रभावित दाफा गांव में आपदा प्रभावितों से बातचीत करते भू वैज्ञानिक लेखराज। स्रोत: ग्रामीण
नाचनी/पिथौरागढ़। लगातार दरक रहा मुनस्यारी विकासखंड का दाफा गांव अब रहने लायक नहीं है। गांव के आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन के लिए नई जमीन तलाशनी होगी। आपदा की जद में आए गांव का भू-वैज्ञानिक ने भी स्थलीय निरीक्षण किया।
पिछले सप्ताह मुनस्यारी के दाफा गांव में भूस्खलन के कारण तीन मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे। लगातार जमीन दरकने से अन्य मकानों में भी दरारें पड़ चुकी हैं। इन परिवारों को प्रशासन की ओर से रिश्तेदारों के घरों में शिफ्ट कराया गया है। आपदा प्रभावित परिवारों को टेंट, बर्तन और राशन भी उपलब्ध कराया गया है।
क्षेत्रवासियों ने गांव की भूगर्भीय सर्वेक्षण की मांग की थी। जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी के निर्देश पर रविवार को सहायक उपनिदेशक भूवैज्ञानिक लेखराज आपदा प्रभावित गांव दाफा पहुंचे। उन्होंने गांव में आपदा के कारण ध्वस्त मकानों के साथ ही भूस्खलन प्रभावित जमीन का निरीक्षण किया। साथ ही आपदा प्रभावितों से बातचीत भी की। निरीक्षण के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता भगत बाछमी, ग्राम प्रधान ममता देवी, सरपंच मनोज राणा, महेश राणा, ललित राणा, गोविंद राणा, दीपा सहित सभी आपदा प्रभावित परिवार मौजूद रहे।
कोट
भूस्खलन से दाफा गांव में तीन मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। कई मकानों में दरारें पड़ी हैं। गांव के ऊपरी हिस्से में चट्टानें बेहद कमजोर हैं और जमीन दरक रही है। सोमवार को रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। - लेखराज, सहायक उपनिदेशक, भू-वैज्ञानिक, पिथौरागढ़