चंपावत। टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर नए डेंजर जोन वाहनों और यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं। बरसात के दौरान इन संवेदनशील स्थानों से अचानक मलबा, पत्थर और बोल्डर गिरने से आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। पहाड़ी से पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़क पर मलबा और बोल्डर आने से वाहन चालकों को सावधानी के साथ आवाजाही करनी पड़ रही है।
बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। बाराकोट क्षेत्र के संतोला और सिंगदा में दर्जनों डेंजर जोन सबसे बड़ी परेशानी का कारण बने हुए हैं। इन स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के साथ ही कई जगह सड़क भी संकरी हो गई है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर एक समय में एक तरफ से ही एक वाहन गुजर पा रहा है। इससे मार्ग पर जाम की स्थिति बनने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग जिले की लाइफलाइन है। इस मार्ग से पिथौरागढ़ और लोहाघाट क्षेत्र से टनकपुर, हल्द्वानी, बरेली और दिल्ली समेत मैदानी क्षेत्रों के लिए बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में डेंजर जोन में लगातार पत्थर और मलबा गिरने से वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
संवेदनशील स्थानों पर मलबा और बोल्डर हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन रात के समय खतरा अधिक रहता है। ऐसे में डेंजर जोन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि किसी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके।
-प्रहलाद सिंह, बाराकोट
बरसात के दौरान डेंजर जोन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है। संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी, मलबा हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाए रखने के इंतजाम जरूरी हैं। डेंजर जोन को चिह्नित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
-अन्नू अधिकारी, स्थानीय
राष्ट्रीय राजमार्ग पर नए डेंजर जोन स्थापित हो रहे हैं। गनीमत है कि अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है। संबंधित विभाग को नए डेंजर जोनों पर रात के समय प्रकाश व्यवस्था भी करनी चाहिए और सावधानी संकेतक लगानी चाहिए, ताकि रात में सफर करने वाले लोग सजग रह सकें।
-हरीश सक्टा, महामंत्री, व्यापार संघ, चंपावत
संबंधित विभाग को पिथौरागढ़ से लेकर बस्तिया तक बने डेंजर जोनों पर सुरक्षात्मक कार्य समय पर करने चाहिए। बरसात से पहले काम पूरे होने से खतरे की आशंका कम होती है। पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच दोनों जिलों के लोगों के लिए लाइफ लाइन है। अगर ये दुरुस्त नहीं होगी व्यापार के साथ ही पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होती है।
-तपन रावत, व्यापार संघ अध्यक्ष, पिथौरागढ़
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाराकोट क्षेत्र के संतोला में सुरक्षात्मक कार्य किए जाने हैं। इसकी प्रक्रिया गतिमान है। चंपावत से लेकर बस्तिया तक डेंजर जोनों को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही इन क्षेत्रों में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे। वहीं संवेदनशील स्थान पर मशीनें लगाई हैं। मलबा गिरने पर तुरंत हटाया जा रहा है।
-डीएस जरमाल, सहायक अभियंता, एनएच खंड
सड़क पर पेड़ गिरने से आवाजाही ठप
लोहाघाट (चंपावत)। भारी बारिश के चलते खेतीखान जीआईसी रोड पर देवदार का एक विशाल पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से गिरने से सड़क मार्ग में आवाजाही बाधित हो गई, इससे लोहाघाट को जा रहे वाहनों की लाइन लग गई। मंगलवार को सड़क मार्ग पर पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही लोहाघाट से फायर यूनिट घटनास्थल के लिए रवाना हुई। लगातार हो रही तेज बारिश और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद वुडन कटर की सहायता से विशालकाय देवदार के पेड़ को काटकर सड़क से सुरक्षित रूप से हटाया गया। फायर यूनिट की त्वरित कार्रवाई से बाधित सड़क मार्ग को शीघ्र ही साफ कर आवागमन के लिए सुचारु किया, इससे स्थानीय वाहन चालकों और राहगीरों को राहत मिली। पेड़ देर रात बारिश के चलते गिर गया।